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बैंक मैनेजर से बातचीत: पत्नी-बेटे को नहीं भुला पा रहे संदीप, शिखा के बारे में बताईं ये अहम बातें

Fri, 02 Sep 2022 05:46 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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सदमे में संदीप। - फोटो : amar ujala
मेरठ के हस्तिनापुर में हुई डबल मर्डर की वारदात से हर व्यक्ति आहत है। जिसने भी इस सनसनीखेज वारदात को सुना, वह यही कह रहा है कि हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इस संबंध में अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को पीड़ित बैंक मैनेजर संदीप से बातचीत की तो उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

आइए जानते हैं इस मामले से जुड़ीं कई अहम बातें
बैंक मैनेजर संदीप ने बताया कि हरीश बहुत शातिर किस्म का व्यक्ति है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी शिखा बहुत साधारण और संस्कारी महिला थी। कभी भी जीवन में किसी बात की जिद नहीं की। उन्होंने बताया कि वह सिर्फ गहनों की शौकीन थी। वह उसके जन्मदिन पर हर साल गिफ्ट के तौर पर एक गहना देते थे। वहीं उसके माता-पिता भी उसे इतना प्यार करते थे कि वह भी जन्मदिन पर उसे गिफ्ट में गहना ही देते थे।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
रक्षाबंधन पर जब संदीप की बहन राखी बांधने के लिए हस्तिनापुर आई थी तो शिखा ने उसे पसंद का सामान दिलाया था, जिसकी अनुमति संदीप से भी नहीं ली थी। वह घर आने वाले सभी मेहमानों की बहुत ज्यादा इज्जत करती थी। रुपये उसके लिए कोई अहमियत नहीं रखते थे। इसलिए हत्या के डर से उसने हत्यारों को लॉकर की सभी चाबी दे दी थी। लेकिन हत्यारों ने उसे बख्शा नहीं। इस बात का संदीप को मलाल है।
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मेरठ डबल मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
संदीप ने बताया कि उसे विश्वास नहीं हो रहा है कि शिखा और उसका होनहार बेटा रूकांश अब इस दुनिया में नहीं है। उसे लग रहा है कि वह अपनी नानी के घर गए हुए हैं। भावुक होते हुए कहा कि उसे उनकी बहुत याद आ रही है। संदीप ने बताया कि वह बैंक में पिछले कई दिनों से जल्दी जा रहे थे, जिस कारण में वह रूकांश को स्कूल भी नहीं छोड़ते थे। खुद शिखा ही उसे तैयार करती थी और स्कूल छोड़कर आती थी। फिर छुट्टी होने पर उसे स्कूल से लेकर आती थी।

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परिवार को सांत्वना देने पहुंचे मंत्री दिनेश खटीक। - फोटो : amar ujala
शिखा ने लोन लेने के लिए किया था मना
संदीप ने बताया कि उन्हें अच्छा घर बनाने के लिए बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन मिल जाता। लेकिन शिखा को कर्जा पसंद नहीं था। संदीप ने बताया कि अपनी मेहनत की कमाई से ही 100 गज का घर खरीदा था। फरवरी 2020 में उसका पूजन किया और वहीं पर रहना शुरू किया था। संदीप ने कहा कि शिखा बहुत ही साधारण किस्म की महिला थी और उसे लग्जरी मकान व गाड़ी का शौक नहीं था। क्योंकि वह पहले से ही सक्षम घर की बेटी थी।
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हस्तिनापुर में डबल मर्डर। - फोटो : amar ujala
शिखा के परिवार के लोग रुपये में छोटे पर दिल से बहुत बड़े
संदीप ने बताया कि वह शिखा से बेहद प्यार करते थे और उनके बीच कभी कोई अनबन नहीं हुई। शिखा के माता-पिता और भाई भले ही अमीर ना हों लेकिन उनका दिल भी बहुत बड़ा है। वह शिखा से इतना प्यार करते थे कि उसका जन्मदिन हस्तिनापुर आकर धूमधाम से मनाते थे।
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हस्तिनापुर मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
सांत्वना देने वालों का लग रहा तांता
डबल मर्डर की घटना से आहत संदीप को सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लग रहा है। सुबह से शाम तक पुलिस अधिकारियों से लेकर कस्बे के गणमान्य और सामाजिक लोग भी संदीप को इस सदमे से उबरने के लिए सांत्वना दे रहे हैं।
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