फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर में ताले लगे रहते हैं। मरीज को अगर स्ट्रेचर चाहिए तो उसे पहले आधार कार्ड जमा करना पड़ता है, फिर उसे स्ट्रेचर मिलता है। स्ट्रेचर मिल भी जाए तो तीमारदारों को खुद स्ट्रेचर खींचकर ले जाना पड़ता है। वार्ड ब्वॉय या स्टाफ उन्हें ले जाने की जहमत नहीं उठाते।