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गार्ड की हत्या: 'पुलिस के सामने भाई को मार डाला, वो हमलावरों को न रोक पाए', रेलवे स्टेशन पर पीट-पीटकर कत्ल

Sun, 21 Jun 2026 12:35 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

दिल्ली में शाहदरा रेलवे स्टेशन पर बागपत के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। योगा एक्सप्रेस से उतरते समय कहासुनी ने जानलेवा हमले का रूप ले लिया। जीआरपी ने मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से आठ हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े जाने वालों में चार नाबालिग हैं।
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delhi murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह ट्रेन से उतरते समय कहासुनी के बाद कुछ युवकों ने दिल्ली मेट्रो में तैनात गार्ड पंकज धामा (35) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद ट्रेन में सवार होकर भाग रहे आठ संदिग्धों को जीआरपी ने मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इनमें से चार नाबालिग हैं। गैर इरादतन हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जीआरपी मामले की छानबीन कर रही है।

सरेआम स्टेशन पर यह वारदात शनिवार की सुबह छह बजे तब हुई जब गार्ड पंकज धामा योगा एक्सप्रेस से शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंचे। हमला तब हुआ जब वह अपनी बोगी से उतर रहे थे। जीआरपी के उपायुक्त भरत रेड्डी ने बताया कि शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर झड़प के बारे में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से पुलिस को सूचना मिली।
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दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरोपियों से बात करता पुलिसकर्मी, नीचे पड़ा पंकज - फोटो : वीडियो ग्रैब
मौके पर जीआरपी पहुंची तब पता चला कि पंकज पर घूंसे और लातों से बुरी तरह हमला किया गया था। उन्हें घायल अवस्था में जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले धक्का-मुक्की हुई और फिर विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। देखते ही देखते कई हमलावर पंकज पर टूट पड़े। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावर लगातार लात-घूंसों से वार करते रहे। हमले में गंभीर रूप से घायल पंकज प्लेटफॉर्म पर ही गिर पड़े।
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दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पड़े पंकज को खींचता पुलिसकर्मी - फोटो : वीडियो ग्रैब
रेलवे के पुलिस उपायुक्त भरत रेड्डी के अनुसार, पंकज मूलरूप से यूपी के बागपत जिले के खेकड़ा के रहने वाले थे। वह दिल्ली मेट्रो में बीते 13 साल से गार्ड के पद पर तैनात थे। उनकी रात में ड्यूटी होती थी। रात को ड्यूटी खत्म के बाद बागपत घर जाने के लिए वह योगा एक्सप्रेस में सवार हुए थे।
 

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दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरोपियों को हटाता पुलिसकर्मी - फोटो : वीडियो ग्रैब
हमलावरों को नहीं रोक पाए जवान
घटना के समय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का एक जवान भी मौके पर था। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि जवान ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों को रोक नहीं सका। घटना से संबंधित कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इसमें पुलिसकर्मी युवकों को रोकते दिख रहे हैं, लेकिन हमला करने वाले युवकों की जगह वह पंकज का हाथ पकड़ रहा है। 
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पंकज धामा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंकज प्लेटफॉर्म पर जब गिर गए तब उन्हें तुरंत उठाने का प्रयास करने के बजाय पुलिसकर्मी प्लेटफॉर्म पर उनका हाथ पकड़कर घसीटता दिखाई दे रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर बचाव हो जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थीं।
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पंकज की हत्या के बाद बिलखती एक साल की बेटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहन का आरोप-पुलिस के सामने मेरे भाई को मार डाला
पंकज धामा की बहन पायल ने हत्या के पीछे पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। पायल ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के वीडियो को देखने से साफ हो गया है कि पुलिस हस्तक्षेप करती तो उसके भाई को बचाया जा सकता था। इस वीडियो में पुलिस के सामने उसके भाई को पांच-छह यात्री पीटते हुए नजर आ रहे हैं। 

 
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दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरोपियों को हटाता पुलिसकर्मी - फोटो : वीडियो ग्रैब
एक पुलिसकर्मी हमलावरों को रोकने का प्रयास करता है लेकिन वह उसके सामने भी पंकज को पीटते रहते हैं। वहां पिटाई के बाद पंकज जमीन पर गिर जाते हैं। पायल का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने हमलावर को पकड़ने के बजाय उन्हें भगा दिया। 

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पंकज की हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के बाद परिवार सदमे में, पत्नी हुई बेसुध
घटना के बाद बागपत में पंकज के परिजनों को वारदात की जानकारी दी गई। लेकिन, काफी देर तक पत्नी पूजा और मां कविता को इस घटना से अनभिज्ञ रखा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर पहुंचे तो मातम छा गया। पत्नी पूजा और मां कविता बेसुध हो गई, जबकि पांच साल के बेटे को समझ में नहीं आया कि पापा को क्या हुआ है।
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दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरोपियों को हटाता पुलिसकर्मी - फोटो : वीडियो ग्रैब
डेढ़ साल की मासूम बेटी अपनी मां और दादी को बदहवास देख रोने लगी तो उसे किसी तरह बुआ ने संभाला। पिता राजेंद्र सिंह धामा और छोटा भाई सन्नी अचानक हुई इस घटना से खौफ से भर गए हैं। 
 
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