मुजफ्फरनगर में कवाल दंगे के दौरान मारे गए लोगों के परिजन उस घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं। दंगे के आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद मलिकपुरा के मृतक सचिन की पत्नी स्वाति बोली कि वह साढे़ पांच साल से न्याय का इंतजार कर रही थी। उन्हें पूरा भरोसा था कि अदालत से हत्यारों को कड़ी सजा मिलेगी। कलक्ट्रेट में कार्यरत मृत सचिन की पत्नी स्वाति कहती हैं कि न्याय के इंतजार में उनकी आंखें थक गई हैं। साढे़ पांच साल अदालत का फैसला आया। उसने कहा कि जिस तरह उसके पति सचिन और गौरव को घेरकर हत्या की गई थी, इस तरह की हिम्मत दोबारा कोई नहीं करेगा। हमें कानून पर पूरा यकीन है। आगे स्लाइड्स में जानें आखिर क्यों जरा सी बात पर उठी थी दंगे की लपटें: -