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देवबंद: सीएए के विरोध में तीसरे दिन भी धरने पर डटीं महिलाएं, बोलीं- टेंट हटा लो पर हम न हटेंगे

Wed, 29 Jan 2020 03:29 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर/देवबंद
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देवबंद में धरने पर जुटीं रहीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के देवबंद में नागरिकता संशोधन कानून और संभावित एनआरसी के विरोध में दिल्ली शाहीन बाग की तर्ज पर देवबंद के ईदगाह मैदान में महिलाओं का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। उधर भारत बंद के आह्वान को लेकर क्षेत्र की अधिकतर दुकाने और बाजार बंद हैं। भारी संख्या में पुलिस बल और आरएएफ तैनात है।

इससे पहले सोमवार की देर रात सर्दी और बारिश के बावजूद महिलाएं बच्चों समेत धरनास्थल पर डटी रहीं। एसपी देहात और अन्य अधिकारी उन्हें धरने से हटाने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन कानून वापस लिए जाने तक महिलाओं ने धरना समाप्त करने से साफ इंकार कर दिया।
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धरने में मौजूद महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
मुत्तहिदा खवातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में शुरू हुआ महिलाओं का धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार की रात्रि सर्दी और बारिश के बावजूद महिलाएं बच्चों समेत धरनास्थल पर डटी रहीं।
 
एसएसपी दिनेश कुमार के निर्देश पर खानकाह पुलिस चौकी पर कैंप किए रहे एसपी देहात विद्या सागर मिश्र खुफिया विभाग व अन्य यूनिट के अधिकारियों के साथ महिलाओं को समझाने के लिए ईदगाह मैदान पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सीएए के वापस होने तक धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया। 
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बढ़ती जा रही है महिलाओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार की सुबह फिर से बड़ी संख्या में महिलाएं ईदगाह मैदान पहुंचीं और लेकर रहेंगे आजादी, सीएए से आजादी, एनआरसी से आजादी जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारी उजमा खुर्रम ने कहा कि उनका धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक है और इससे किसी को परेशानी भी नहीं है। संविधान ने उन्हें यह अधिकार दिया है कि अपने हक के लिए आवाज बुलंद करें। 

 

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सीएए के विरोध में की नारेबाजी - फोटो : अमर उजाला
अल सबा और सुरैय्या ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार सीएए को लेकर मुसलमानों को देश से निकालने का षड्यंत्र रच रही है। वह हिंदुस्तान में पैदा हुईं और यहीं की मिट्टी में दफन भी होंगी। 

 
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धरने पर बैठीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
फरहा और गजाला ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के हक की बात करने वालों के राज में आज महिलाएं मासूम बच्चों के साथ सड़कों पर आकर अपने हक के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहीं हैं तो सरकार खामोश क्यों है। वहीं, दूसरे दिन नगर समेत देहात क्षेत्रों से भी महिलाएं धरनास्थल पर पहुंचती रहीं। जिससे अधिकारियों की टेंशन बढ़ी रही और बड़ी संख्या में महिलाओं के जमा होने के चलते वह किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचते रहे। 
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धरनास्थल पर भीड़ - फोटो : अमर उजाला
चाहो तो टेंट हटा लो पर नहीं हटूंगी 
धरनास्थल पर जब अधिकारी महिलाओं को समझाने के लिए पहुंचे तो वहां मौजूद एक बुजुर्ग महिला बोली कि चाहो तो टेंट भी हटा लो, पर मैं यहां से हटने वाली नहीं हूं। इतना ही नहीं उसने यहां तक कहा कि अगर उसे टेंट के नीचे नहीं बैठने दिया जाता तो वह खुले आसमान के नीचे बारिश में जाकर बैठ जाएंगी, लेकिन हटेंगी नहीं। 
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धरनास्थल पर खाने का इंतजाम किया गया है - फोटो : अमर उजाला
धरनास्थल पर खाने का इंतजाम किया 
ईदगाह मैदान में सीएए के विरोध में धरने पर बैठीं महिलाओं के लिए धरनास्थल पर ही खाना और चाय का इंतजाम किया गया था। बारिश से बचने के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगवाया गया, जबकि सर्दी से बचने के लिए गद्दे व रजाई का इंतजाम भी किया गया है। कुछ लोग खाने पीने से लेकर अन्य तरह की सुविधाओं में मदद कर रहे हैं। 
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देवबंद में तैनात आरएएफ - फोटो : अमर उजाला
उधर बुधवार को भारत बंद के आह्वान को लेकर देवबंद में इसका असर दिखाई दिया। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अधिकतर दुकानें और बाजार बंद हैं। 20 दिसंबर के प्रदर्शन को देखते हुए  भारी संख्या में पुलिस बल और आरएएफ तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस प्रशासन महिलाओं और बच्चों को देखते हुए इस धरना प्रदर्शन को खत्म कराने की योजना बना रहा है।
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