शैंकी की मौत के गम में उसकी प्रेमिका जीना ही भूल गई थी। गुमसुम, उसके ख्यालों में खोई प्रेमिका को अपने भविष्य में अंधेरे के अलावा कुछ नजर नहीं आ रहा था। इस कहानी में एक तरफ मां थी, जो बेटे की मौत के दर्द में बारहा बिखर रही थी। मां जिसने उसे न सिर्फ जन्म दिया था, बल्कि लाड़-प्यार से पाला था, तो दूसरी तरफ शालू (बदला हुआ नाम) जिसने शैंकी के साथ न सिर्फ जीने-मरने की कसमें खाईं, बल्कि उसे शिद्दत से चाहा भी, लेकिन अफसोस कि मोहब्बत मुकम्मल न हो सकी। युवती के घरवालों ने उसके प्रेमी की निर्मम हत्या कर दी।
12 दिसंबर, 2018 दिन बुधवार को अलसुबह मेरठ में एक युवक की हत्या कर कार समेत जला दिया गया। पुलिस जांच पड़ताल के बाद युवक की पहचान मवाना थानाक्षेत्र के जंघेड़ी निवासी संजीव उर्फ शैंकी के रूप में हुई। पुलिस ने मामले की छानबीन की तो एक के बाद एक हत्या की तहें खुलती चली गईं। हत्या के पीछे सामने आई एक ऐसी प्रेम कहानी, जिसकी सुखद शुरुआत हुई, लेकिन अंत एक ऐसी कहानी पर हुआ जिसकी उम्मीद मुश्किल ही की जाती है:-