मेरठ के लिसाड़ी गेट का जुबैर रविवार को जहां पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। वहीं परिजनों ने भी इस मामले में चुप्पी साध ली। पुलिस ने खुलासा किया कि जुबैर अपने साथियों के साथ लिसाड़ीगेट में कई वारदातों को अंजाम दे चुका था। गुजरात के सूरत में सराफ कारोबारी की लूट के बाद हत्या के मामले में जब मेरठ निवासी मुद्दसिर और जुबैर का नाम सामने आया तो तभी से गुजरात और मेरठ की एसटीएफ जुबैर के पीछे लगी थी।
विज्ञापन
2 of 15
मौके पर पहुंची कई थानों की पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूरत में पांच मार्च 2019 को सराफा व्यापारी महेंद्र चौकसी के. शाह की लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ युवक कैद हुए थे। सूरत पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मेरठ का गैंग गुजरात में सुपारी लेकर हत्या की वारदात कर रहा है। जिसके बाद मुखबिर ने हत्यारोपियों के नाम और पहचान तक भी पुलिस को बता दी थी।
विज्ञापन
3 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
पांच अप्रैल 2019 को एसटीएफ मेरठ यूनिट के सीओ बृजेश कुमार सिंह ने टीम के साथ हापुड़ रोड लोहियानगर से मुद्दसिर उर्फ मुदरा निवासी घोसीपुर को दबोचा था। मुद्दसिर ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया था कि वह सूरत में काम करता था। सराफ कारोबारी महेंद्र चौकसी की हत्या के लिए नौ लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
4 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
इस हत्या में मुद्दसिर के साथ लिसाड़ीगेट के जुबैर व नासिर उर्फ सनी ने हत्या को अंजाम दिया था। जिसके बाद तीनों ने नौ लाख रुपये में से तीन-तीन लाख रुपये लेकर बांट लिए थे। लिसाड़ीगेट निवासी पप्पू उर्फ जावेद सूरत में काम करता है जिसने सुपारी देकर हत्या कराई थी।
विज्ञापन
5 of 15
पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश ढेर
- फोटो : अमर उजाला
दोस्त जेल गया, खुद मारा गया
एसपी सिटी एएन सिंह का कहना है कि जुबैर की घोसीपुर निवासी मुद्दसिर से करीब 15 साल से दोस्ती थी। दोनों साथ मिलकर अपराध करते थे। जो पैसा मिलता था उसका बंटवारा कर लेते थे। सूरत में भी सराफ कारोबारी की हत्या को मिलकर अंजाम दिया। एसटीएफ ने मुद्दसिर को जेल भेज दिया था। लेकिन जुबैर उसके बाद भी अपराध कर रहा था और आखिरकार मुठभेड़ में मारा गया।
विज्ञापन
6 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
डीजीपी ने की सराहना
डीजीपी ओपी सिंह ने मुठभेड़ के बाद घायल हुए सीओ जितेंद्र कुमार के बारे में जानकारी ली। एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह, सीओ जितेंद्र कुमार और पूरी टीम की सराहना की। इन पुलिस कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
7 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ के बाद सहम गए किसान
मुठभेड़ के बाद आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह जहां खुद हथियार लेकर जंगल में कांबिंग करते रहे। वहीं, घायल सीओ जितेंद्र कुमार एके-47 लेकर कांबिंग में सबसे आगे थे।
8 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
आसपास के किसानों को भरी दोपहरी में पता नहीं चला कि आखिर क्या हो गया। पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके की तरफ दौड़ रहीं थीं। बाद में किसान भी लाठी डंडे लेकर पुलिस फोर्स के साथ हो लिए। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा आनंद मिश्रा, एसओ पल्लवपुरम जनक सिंह चौहान के अलावा कई थानों की फोर्स भी मौके पर थी।
9 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे
पुलिस के अनुसार जुबैर पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। महानगर में उसके खिलाफ इंचौली, सरूरपुर, नौचंदी, लिसाड़ी गेट के अलावा दूसरे राज्यों में लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी के मामले दर्ज हैं। जुबैर ने किन्नरों पर भी गोलियां चलाई थीं। लिसाड़ीगेट के व्यापारी से कुछ दिन पहले रंगदारी भी मांगी थी। ऐसे में पुलिस जुबैर के पीछे पड़ी थी। जुबैर के आतंक से लोग परेशान थे।
10 of 15
मौके से बरामद बाइक
- फोटो : अमर उजाला
गोली सीने के आरपार हुई
बदमाशों की गोली एसओ दौराला की गाड़ी के शीशे पर लगी थी। जुबैर को गोली पीछे से लगी और दिल को चीरते हुए पार हो गई। जिसके बाद वह गिर तो गया था। लेकिन उसकी सांस चल रही थी। चिकित्सकों ने अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया था। जब पता चला कि जुबैर मुठभेड़ में मारा गया तो आसपास के किसानों में चर्चा रही कि हाईवे पर लूट के बाद बदमाश दोपहर के समय पबरसा की तरफ ही भागते हैं।
11 of 15
पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
अब थम जाएंगी लूट
पबरसा निवासी सत्यवीर सिंह और किसान राजेंद्र ने एसएसपी और एसपी सिटी से कहा कि यहां कभी भी लूटपाट हो जाती है। बाइक लूट की घटना दौराला क्षेत्र में सबसे अधिक होती हैं। जब भी कोई युवक दिन में बाइक लेकर निकलता है तो डर लगता था कि कहीं बदमाश बाइक न लूट लें।
12 of 15
फरार बदमाश की तलाश में कॉम्बिंग करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
दो साल में आठ अपराधी ढेर
मार्च 2017 से अब तक योगी सरकार में कानून व्यवस्था को देखते अपराधियों को कड़ा जवाब दिया गया। मेरठ में कई बदमाशों से पुलिस की सीधी मुठभेड़ हुई है। जिसमें पुलिस की गोली से आठ अपराधियों की मौत हो गई। 126 अपराधियों के पैरों में गोली लगी।
13 of 15
मुठभेड़ के बाद पुलिस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में 20 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि बदमाशों से सीधी मुठभेड़ का असर वेस्ट यूपी के जनपदों में अपराध पर सबसे ज्यादा पड़ा है। अपराध का ग्राफ घटा है। कई बदमाश पुलिस की मुठभेड़ के चलते खुद ही सरेंडर करके जेल चले गए।
14 of 15
पुलिस ने मौके से एक बाइक भी बरामद की है।
- फोटो : अमर उजाला
ये मारे गए बदमाश
26 सितंबर: रुड़की रोड पर गांधी बाग के पास सदर पुलिस से मुठभेड़ में 25 हजारी मंसूर उर्फ मच्छू पहलवान निवासी बेहट सहारनपुर मारा गया।
28 सितंबर: एसटीएफ और सरूरपुर पुलिस ने मुठभेड़ में कुख्यात मुकीम काला के भाई 50 हजारी वसीम काला को मार गिराया।
30 दिसंबर 2017: शताब्दी नगर में 50 हजार का इनामी हसीन मोटा मारा गया। उस पर हत्या,लूट के मुकदमे थे।
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश व घायल सीओ दौराला जितेंद्र सरगम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए ये भी
12 फरवरी 2018: तीन लोगों के हत्यारोपी 25 हजारी कुख्यात सुजीत जाट को सरूरपुर पुलिस ने ढेर किया।
30 अप्रैल 2018: कंकरखेड़ा बाईपास पर दुल्हन के हत्यारोपी 50 हजारी टाइगर और धीरज को एसटीएफ ने मार गिराया।
28 नवंबर 2018: सरूरपुर में गो तस्कर आबिद को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया। 25 हजार का इनाम था।
05 मई 2019 : दौराला में कुख्यात जुबैर को मुठभेड़ में मार गिराया। जिस पर 50 हजार का इनाम था।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय है। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें