शुक्रवार को शाम छह बजे से ही कोहरा छाने लगा था, जो कि आठ बजे तक पूरे जिले में छा गया। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 13 डिग्री पर आ गया। शीतलहर के कारण हाथ-पैर सुन्न से पड़ गए। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है।
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मेरठ में शाम के समय छाया कोहरा।
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बर्फबारी का असर मैदानों में साफ दिखने लगा है। कोहरा और शीतलहर ने मिलकर ऐसा कहर बरपाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह से शाम तक सूरज के दर्शन नहीं हुए और ठंड का प्रकोप लगातार बना रहा। हालात यह रहे कि सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 13 डिग्री के आसपास पहुंच गया, जिसने बीते 21 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं शुक्रवार को रात आठ बजे ही घना कोहरा छा गया।
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मेरठ में शाम सात बजे का हाल।
- फोटो : अमर उजाला
सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता इतनी कम थी कि 10 मीटर की दूरी पर भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे और दिल्ली–देहरादून हाईवे पर चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कई जगह जाम जैसे हालात बने रहे। कोहरे और कड़ाके की ठंड ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया।
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अलाव का सहारा।
- फोटो : अमर उजाला
दिनभर कोहरा नहीं छंटा और शाम करीब पांच बजे फिर से घना कोहरा छाने लगा। आठ बजे तक तो कोहरा भयंकर रूप से छा गया। जिससे घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर का असर बना रहेगा। हल्की बारिश की संभावना जरूर है, लेकिन फिलहाल सर्दी से राहत के आसार कम हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मेरठ में कोहरा।
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल खुले, ठंड में कांपे बच्चे
कई दिन बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को कोहरे और शीतलहर के बीच स्कूल जाना पड़ा। जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय 10 बजे से 3 बजे तक कर दिया है, इसके बावजूद सुबह 11 बजे तक भी कोहरा नहीं छंटा। ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचते नजर आए। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे।
21 साल में सबसे सर्द 16 जनवरी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी को दर्ज 13.1 डिग्री अधिकतम तापमान पिछले 21 वर्षों में सबसे कम रहा। इससे पहले 2006 में 14.7 डिग्री और 2020 में 15.6 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बने रहने वाले कोहरे और शीतलहर के कारण ठंड का यह दौर अभी कुछ दिन और परेशान कर सकता है।