Meerut School Update: मेरठ में शुक्रवार से नर्सरी से नौंवी कक्षा तक के स्कूल खुल गए। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच बच्चे स्कूल पहुंचे। दृश्यता बेहद कम रही, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई।
मेरठ में शुक्रवार से जिले में नर्सरी से लेकर कक्षा नौंवी तक के स्कूल खोल दिए गए। सुबह के समय शहर में घना कोहरा छाया रहा, इसके बावजूद छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हुए नजर आए। वेस्ट एंड रोड समेत कई इलाकों में बच्चे बेहद सावधानी से स्कूल पहुंचते दिखे।
कई दिन बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को भीषण ठंड और घने कोहरे का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को सुबह 11 बजे तक भी कोहरा नहीं छंट सका। ठंड के चलते बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचते नजर आए।
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मेरठ में खुले स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
दृश्यता बेहद कम, वाहन रेंगते दिखे
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी और शीतलहर के चलते मेरठ और आसपास के इलाकों में कोहरा छाया रहा। गुरुवार सुबह दृश्यता इतनी कम थी कि 10 मीटर की दूरी पर भी कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चलते दिखे। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ा।
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मेरठ में खुले स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
भीषण कोहरा और कड़ाके की ठंड में बच्चों का स्कूल जाना खतरे से खाली नहीं माना जा रहा है। कम दृश्यता और ठंड को देखते हुए अभिभावकों में किसी बड़े हादसे की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। कई अभिभावक खुद बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते नजर आए।
सूरज नहीं निकला, ठंड से राहत नहीं
बीते कई दिनों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से ठंड से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। शीतलहर का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि अगले दो दिन तक कोहरा और सर्दी ऐसे ही बनी रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।