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मेरठ उपद्रव: फायरिंग करने वाले एक की पहचान, तीन पर इनाम, 405 को पुलिस कर चुकी है चिन्हित

Tue, 31 Dec 2019 12:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ीगेट में 20 दिसंबर को हुए बवाल में गोलियां चलाने वाले तीन उपद्रवियों की पुलिस ने पहचान करने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने एक ही आरोपी की पहचान उजागर की है, जो तमंचे से पुलिस पर गोली चला रहा था। लेकिन दो अन्य आरोपियों के नाम और पते पुलिस ने अभी नहीं बताए हैं। एसएसपी ने इन तीनों की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। 
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 20 दिसंबर को हापुड़ रोड और लिसाड़ीगेट में उपद्रवियों ने चार घंटे तक उपद्रव किया था। पुलिस प्रशासन पर पथराव करने के साथ गोलियां चलाई थीं। पांच दिन बाद 25 दिसंबर को पुलिस के हाथ सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लगी। जिसमें लिसाड़ी गेट में उपद्रवी गोली चलाते दिखाई दे रहे थे।

 
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Meerut Violence, bike - फोटो : अमर उजाला
एक उपद्रवी पिस्टल व दूसरा तमंचे से गोली चला रहा है। गोली चलाते एक उपद्रवी की पहचान फैसल निवासी करीमनगर नौचंदी के रूप में पुलिस ने की है। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश दी। लेकिन वह फरार मिला। पुलिस के अनुसार फैसल गली से निकलकर तमंचे से गोली चला रहा था। फैसल के अलावा दो और आरोपी पहचाने गए हैं, जो गोली चला रहे थे।

 

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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
क्या उपद्रव के लिए बांटे थे पिस्टल और तमंचे
पुलिस के अनुसार चर्चा है कि फैसल समेत कई युवकों को उपद्रव के लिए तमंचे और पिस्टल बांटे गए थे। पुलिस के अनुसार फैसल के पास तमंचा कहां से आया, इसकी भी जांच होगी।

दो उपद्रवी पिस्टल से गोलियां चला रहे थे। उपद्रवियों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारी टारगेट पर लिए थे। उपद्रवियों की गिरफ्तारी के बाद ही खुलासा होगा कि असलहा किसने और क्यों बांटे थे।
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
पीएफआई से जुड़ा होना बताया 
एक पहचाने गए उपद्रवी के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े होने की चर्चा है। हालांकि इसकी पुलिस अभी पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही आरोपियों की पोल खुलेगी। पीएफआई और एसडीएफआई से जुड़े लोगों की तलाश है।
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
बिना पहचान, कैसे हुआ इनाम 
तीन उपद्रवियों पर 20-20 हजार का इनाम पुलिस ने घोषित कर दिया। लेकिन दो उपद्रवी कौन और कहां के निवासी हैं, इसका खुलासा पुलिस ने अभी नहीं किया है।

सवाल उठता है कि जब पुलिस को दोनों आरोपियों का भी रिकॉर्ड मिल गया है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि बिना पहचान के उपद्रवियों पर कैसे इनाम कर दिया है। 
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
दबिश नहीं, सेटिंग से गिरफ्तारी के प्रयास
20 दिसंबर को हुए उपद्रव में पुलिस 180 नामजद व 225 चिह्नित उपद्रवियों की तलाश में दबिश देने का साहस नहीं जुटा पा रही है, बल्कि उनकी गिरफ्तारी के लिये साठगांठ में लगी है। उपद्रवियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिये चुनौती बनी है। लिसाड़ीगेट में तनाव की स्थिति अभी बनी है।

लोग इसी आश्वासन पर शांत हैं कि पुलिस उनके यहां पर दबिश नहीं देगी। हापुड़ रोड और लिसाड़ीगेट के उपद्रव में पुलिस सिर्फ 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने पथराव, गोलीबारी और आगजनी की है, उनको हर हाल में गिरफ्तार किया जाएगा।
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
उपद्रवियों की घेराबंदी के लिए पुलिस योजना बनाने का दावा कर रही है। पुलिस ने हर गली मोहल्ले के संभ्रात लोगों से संपर्क साधा है। फोटो, वीडियो और सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने लोगों को सौंपी है। जिनके आधार पर  उपद्रवियों को गुपचुप तरीके से सौंपने की बात कही है।

इसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने कहा कि अगर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेंगी तो अंजाम ठीक नहीं होगा। इसको लेकर पुलिस सतर्कता बरत रही है। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि आरोपियों को पकड़ा जाएगा। लेकिन कोई बेकसूर जेल नहीं जाएगा। 
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