विक्टोरिया पार्क में बना स्तंभ
- फोटो : amar ujala
प्रशासन ने नहीं माना, विक्टोरिया पार्क में हुई मालती तायल की मौत
मेरी मां मालती तायल (70) और पिता रमेश चंद्र तायल (75) की जान भी 10 अप्रैल 2006 को विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में चली गई थी। पिता की मौत को तो माना, मगर अब तक प्रशासन ने नहीं माना कि माता की मौत भी वहीं हुई थी। यह कहते हुए मनोरंजन पार्क निवासी नरेश तायल की आंखें नम हो जाती हैं। कहते हैं, मां का शव नहीं मिला, शव इस कदर जले हुए थे कि हम मां का शव पहचान नहीं पाए। एक महिला का शव अज्ञात में बचा था, नौ माह तक उसकी पहचान नहीं हुई। मेडिकल जांच में पता चला उसके दांत असली थे, जबकि हमारी माता के दांत नकली थे, इसलिए उस शव को नहीं अपनाया। हालांकि बाद में हमारी संस्था ने ही उस महिला के शव का अंतिम संस्कार किया। शव बदलने के कारण कोई और परिवार माता का शव ले गया था।