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पूर्व मंत्री याकूब के बड़े राज: खुले तो अफसर भी हैरान, फैक्टरी के बाद निशाने पर आया हॉस्पिटल, यहां भी चल रहा था ये खेल

Wed, 06 Apr 2022 05:31 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ में याकूब कुरैशी का हॉस्टिल सील। - फोटो : amar ujala
पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग भी एक्शन में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को याकूब कुरैशी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर जावेद हुसैन एवं डॉक्टर सुधीर कुमार के नेतृत्व में हाजी याकूब कुरैशी के हापुड़ रोड पर बने माय सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि यह हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित किया जा रहा था। 

पुलिस ने खंगाली याकूब की कुंडली, शासन को जाएगी रिपोर्ट 
पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने सभी थानों से याकूब का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला है। डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम देने का एलान करने के मामले में शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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याकूब का हॉस्पिटल सील। - फोटो : amar ujala
पुलिस ने दावा किया कि मंगलवार को पुलिस ने कई जगह पर दबिश दी, लेकिन याकूब और उसके परिवार का सुराग नहीं लगा। पुलिस ने जो रिकॉर्ड खंगाला है उसके मुताबिक हाजी याकूब पर अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि याकूब और उनके परिवार को नोटिस देकर एक मौका दिया था। याकूब न खुद आए और न ही नोटिस का जवाब भेजा। उधर, भाजपा नेता सुनील भराला ने कहा है कि वह सख्त कार्रवाई के लिए शासन में पैरवी करेंगे।
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हॉस्पिटल को सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : amar ujala
51 करोड़ की बोली, 15 वर्ष बाद पड़ सकती है महंगी
सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया के मुताबिक, आठ अगस्त 2007 को देहलीगेट थाने में याकूब कुरैशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि याकूब ने डेनमार्क प्रकरण में कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने पर 51 करोड़ की बोली लगाई थी। इसमें भाजपा नेता सुनील भराला ने मुकदमा दर्ज कराया था। धर्मस्थल दुरुपयोग निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था।

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याकूब का हॉस्पिटल सील। - फोटो : amar ujala
शासन से अनुमति जरूरी 
पुलिस के मुताबिक, धर्मस्थल दुरुपयोग निवारण अधिनियम के तहत धारा151ए और 153बी में चार्जशीट लगाने के लिए शासन की अनुमति लेनी होती है। पंद्रह वर्ष बीतने के बावजूद भी शासन से अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं हो सकी। पुलिस का कहना है कि 151ए, 153बी की धारा में चार्जशीट लगाने के लिए दोबारा से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। अन्य सभी धाराओं में पुलिस चार्जशीट लगाने की तैयारी में लग गई है।
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अब याकूब का हॉस्पिटल सील। - फोटो : amar ujala
याकूब की तलाश में दबिश 
पुलिस ने याकूब और उसके परिवार की तलाश में मंगलवार को भी दबिश दी। पुलिस का कहना है कि नामजद याकूब और उसका परिवार अपने घर से फरार है। इसमें पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजेगी। पुलिस ने याकूब के घर के अलावा भी दूसरे ठिकानों की जानकारी जुटाई है। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि याकूब और उनके परिवार को पुलिस जल्द गिरफ्तार करेगी।
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई। - फोटो : amar ujala
याकूब के पार्टनर की भी घेराबंदी 
पुलिस की जांच में सामने आया है कि याकूब कुरैशी की फैक्टरी में उसके पार्टनर के नाम से मीट पैकिंग हो रही थी। जोकि मूल रूप से शामली कैराना का निवासी है। पुलिस ने याकूब के पार्टनर की भी घेराबंदी शुरू कर दी।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पार्टनर की फर्म का नाम मीट के डिब्बों पर लिखा हुआ था। पार्टनर कौन है, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है। पुलिस जल्द ही याकूब के पार्टनर को गिरफ्तार कर कार्रवाई करेगी।
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