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हिस्ट्रीशीटर राहुल काला और पुलिस की दोस्ती में छिपा बड़ा राज, धड़ल्ले से कट रहे चोरी के वाहन, तस्वीरें

Sat, 10 Oct 2020 04:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आरोपी वांटेड - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में हिस्ट्रीशीटर राहुल काला की पुलिस से दोस्ती उजागर होने के बाद भी अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। शायद यही वजह है कि राहुल काला पर पुलिस की ढीली कार्रवाई होती है। मुठभेड़ में गोली लगी, गिरफ्तारी हुई और ढाई महीने में ही जमानत भी हो गई। जेल से छूटते ही फिर धंधा बरकरार कर लिया। 
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आरोपी वांटेड - फोटो : अमर उजाला
सोतीगंज के हिस्ट्रीशीटर राहुल काला की दोस्ती पुलिस से है। 17 जुलाई को अमर उजाला ने राहुल काला और पुलिसकर्मियों की पोल खोली थी। इस मामले में एडीजी और आईजी ने जांच बैठाई थी। वांटेड के साथ पुलिस की दोस्ती को लेकर काफी किरकिरी हुई थी। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई। दोनों अधिकारियों ने पुलिस पर दबाव डाला तो फौरी तौर पर कार्रवाई हो गई। 21 जुलाई को परतापुर थाना पुलिस ने राहुल काला को मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। 
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मुठभेड़ की फोटो और वांटेड कबाड़ी के साथ तीनों पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
राहुल काला पर मजबूत कार्रवाई नहीं हुई और वह ढाई महीने में ही जमानत पर बाहर आ गया। जेल से छूटने के बाद राहुल काला ने फिर से सोतीगंज में चोरी और लूट के वाहन काटने शुरू कर दिए। कई दिनों से उसके गोदाम पर चोरी की बाइक काटी जा रही थी। 

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लाल घेरे में वांटेड - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों से दोस्ती बरकरार
राहुल काला के दोस्त पुलिस वाले हैं। अधिकारी भी जानते हैं कि परतापुर में 21 जुलाई को काला से कैसी मुठभेड़ हुई। उसके खिलाफ कितनी मजबूत कार्रवाई की गई। पुलिस वालों ने दोस्ती बरकरार रखने के लिए शुक्रवार को भी राहुल काला को बचा लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की। चर्चा है कि उक्त पुलिसकर्मी एक अधिकारी के चहेते हैं। इस बात की जानकारी उच्च अधिकारियों को है।
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सोतीगंज में दुकानों में जांच करती पुलिस
138 सीसीटीवी कैमरों में ‘कैद’ सोतीगंज 
सोतीगंज में चोरी व लूट के वाहनों का कटान रोकने में पुलिस फेल साबित हो रही है। पुलिस के दावे भी हवाई हो गए। 138 सीसीटीवी कैमरों में ‘कैद’ सोतीगंज में चोरी के वाहन कट रहे हैं। 

दिल्ली पुलिस ने सोतीगंज में छापा मारकर मेरठ पुलिस के तमाम दावों की पोल खोल दी है। दो दिन पहले भी दिल्ली से बाइक चोरी कर सोतीगंज में बेची गई। इससे पहले लगातार दिल्ली-एनसीआर से बाइक चोरी करके मेरठ में बेचने का सिलसिला चल रहा है। सवाल मेरठ पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहा है कि आखिर सोतीगंज में चोरी के वाहन कैसे काटे जा रहे हैं। 
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पुलिस ने सोतीगंज में लगवाए सीसीटीवी कैमरे - फोटो : अमर उजाला
पुलिस दावा कर रही थी कि अब सोतीगंज में 138 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। प्रत्येक दुकान पर पुलिस रजिस्टर रखेगी। उसका रोजाना लेखाजोखा पुलिस देखेगी। पुलिस के सारे दावे फेल हो गए हैं। सीसीटीवी कैमरे में न कोई चोर दिखा और ना ही चोरी के वाहन कटते दिखे। मेरठ पुलिस की कार्यशैली पर दिल्ली पुलिस ने सवाल उठाए।
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एसएसपी अजय साहनी - फोटो : अमर उजाला
आखिर क्यों नहीं लगती सोतीगंज पर लगाम
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद मेरठ में पहली कार्रवाई सोतीगंज पर हुई थी। दावा किया गया था कि चोरी के वाहन सोतीगंज में नहीं कटने देंगे। भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी कई बार इस मुद्दे को संसद में उठाया था। बावजूद सोतीगंज में चोरी के वाहनों का कटान नहीं रुक सका। सवाल है कि आखिर सोतीगंज पर पुलिस लगाम क्यों नहीं कस सकी। जिससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
आखिर किसने लीक की छापे की सूचना
दिल्ली पुलिस पहले सदर बाजार थाने में आमद दर्ज कराने पहुंची। जहां उनके साथ वाहन चोर गया था। दिल्ली पुलिस ने राहुल काला का नाम लिया और उसके गोदाम पर छापे मारने की बात भी पुलिस को बता दी। यह सूचना लीक हो गई और राहुल काला गोदाम से फरार हो गया। दिल्ली पुलिस का दावा है कि अगर वह सदर थाने में आमद दर्ज कराने नहीं जाते तो शायद वह राहुल काला को मौके से गिरफ्तार कर लेते।

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