जेल दिखाता कैदी
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पैसे देकर कैदी कुछ भी मंगा सकते हैं। ये कहना है झांसी जिला कारागार में कैदियों से मिलने आए उनके रिश्तेदारों का। वे यह भी मानते हैं कि अगर इसकी शिकायत करेंगे तो जेल में कैद उनके रिश्तेदारों को परेशानी होगी। यहां जिला कारागार में बंद अपने पति से मिलने आई एक महिला ने बताया कि मिलाई पर्ची यदि नहीं बने तो सौ रुपये देकर अंदर कैदी से मुलाकात हो जाती है।
वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि यहां तैनात सिपाहियों ने ही अपने स्तर से सामान अंदर ले जाने के रेट तय कर रखे हैं। किसी भी सामान को अंदर ले जाने के लिए प्रति नग दस रुपये देने पड़ते हैं। चाय पत्ती के बीस रुपये, सब्जियों के बीस रुपये प्रति किलो देना होता है। गुटका, बीड़ी, सिगरेट, पान, तंबाकू सब जेल के अंदर दो गुने रेट पर आसानी से मिल जाता है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो जेल प्रशासन ही जाने।