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कपसाड़ कांड: गलत ट्रेन में बैठ गए थे पारस और रुबी, गांव से पैदल ही निकले, बाइक से लिफ्ट ले यहां गए; पूरी कहानी

Mon, 12 Jan 2026 09:38 AM IST
शाहरुख खान जगेंद्र उज्ज्वल, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या के बाद आरोपी पारस सोम और युवती गांव पैदल ही निकले थे। बाइक वाले से लिफ्ट लेकर खतौली रिश्तेदार के यहां पहुंचे। इसके बाद यहां से दिल्ली निकल गए। दिल्ली से वापस खतौली आने के लिए गलत ट्रेन में बैठ गए। इसके बाद पारस ने दोस्त को फोन किया तो अलर्ट पुलिस ने ट्रैक कर लिया।
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Meerut Murder Kidnapping Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मेरठ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण का आरोपी पारस सोम शनिवार को गलत ट्रेन में बैठ गया था। उसने टपरी जंक्शन से निकलने पर ट्रेन में एक यात्री का मोबाइल लेकर गांव में अपने दोस्त को फोन किया था। उसने गांव का हाल जाना और कहा कि वह जिस ट्रेन में है वह सहारनपुर के बजाय रुड़की जा रही है।

यह कॉल सर्विलांस टीम भी सुन रही थी। टीम ने मेरठ पुलिस को सतर्क किया और सहारनपुर पुलिस को भी लगाया गया। इसके बाद रुड़की गंगनहर थाना पुलिस की मदद से पुलिस ने पारस सोम को रुड़की स्टेशन पर ट्रेन से ही गिरफ्तार कर लिया। रूबी भी उसके साथ ही मिली। 
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रूबी और आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आठ जनवरी को पैदल ही कपसाड़ से गए थे दोनों
दोनों बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस की पूछताछ के अनुसार, दोनों वारदात के दिन आठ जनवरी को पैदल ही कपसाड़ से गए थे। जंगलों के रास्ते वो सड़क पर पहुंचे। वहां से एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर खतौली पहुंचे। 

 
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आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पारस ने रिश्तेदार से लिए कुछ रुपये
पारस ने खतौली में अपने रिश्तेदार से कुछ रुपये लिए और वहां से नागल क्षेत्र में अपनी बहन के यहां जाने की तैयारी की। रिश्तेदार ने बताया कि वहां पुलिस है। बड़गांव में भाई की ससुराल और हापुड़ में मौसी के यहां भी पुलिस पहुंची है। 

 

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रूबी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली जाने के लिए शाहदरा से हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में बैठे
हरियाणा के जींद में रहने वाले रिश्तेदार के यहां भी पुलिस पहुंच गई है। इसके बाद पारस और रूबी दिल्ली गए। वहां पर वे भटकते रहे। शनिवार को दोनों फिर से खतौली जाने के लिए शाहदरा से हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में बैठ गए मगर यह ट्रेन मेरठ-खतौली के बजाय वाया बड़ौत-शामली से टपरी जंक्शन होकर हरिद्वार जाती है। जब ट्रेन शामली मार्ग पर चली तो पारस सोम को गलत ट्रेन में बैठने का पता चला। 

 
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गांव कपसाड़ में गालियों व रास्तों पर तैनात पुलिस को दिशा निर्देश देते एसपी देहात अभिजीत कुमार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की स्टेशन पर पुलिस को सफलता मिली
इसके बाद उसने अपने दोस्त को फोन किया। सर्विलांस के जरिये पुलिस सक्रिय हो गई। जानकारी करने पर पता चला किट्रेन संख्या 14305 हरिद्वार पैसेंजर टपरी से निकली है। पुलिस ने घेराबंदी की, चूडियाला में सहारनपुर पुलिस पहुंची मगर तब तक ट्रेन वहां से चल दी थी। इसके बाद रुड़की स्टेशन पर पुलिस को सफलता मिल गई।
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आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। इस दौरान लोगों की लगी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन दोस्तों के फोन नंबर याद थे
पुलिस ने आरोपी के सभी रिश्तेदारों, परिचितों, परिजनों की घेराबंदी करते हुए उनके फोन इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस पर लिए हुए थे। जानकारी करने पर पता चला कि पारस सोम को अपने तीन दोस्तों के मोबाइल नंबर याद हैं। पुलिस ने दो दोस्तों को पकड़ लिया था मगर गांव में उसके मकान के सामने रहने वाले झोलाछाप चिकित्सक को कुछ नहीं कहा बल्कि उसका फोन नंबर सुनने के लिए सर्विलांस पर लगा दिया। पारस और रूबी अपने मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे।
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गांव कपसाड़ में घुसने पर चेकिंग करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिवाया टोल प्लाजा पर रही बैरिकेडिंग
कपसाड़ गांव की घटना के बाद जिले में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव में कोई राजनैतिक दल का प्रतिनिधि मंडल या नेता प्रवेश न करें इसके लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग रही। सिवाया टोल प्लाजा पर रविवार को भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस आने जाने वाले लोगों से पूछताछ करती रही। दिनभर टोल प्लाजा पर वैरिकेडिंग के चलते जाम की स्थिति बनी रही। 

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गांव कपसाड़ में गालियों व रास्तों पर तैनात पुलिस को दिशा निर्देश देते एसपी देहात अभिजीत कुमार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भड़काऊ बयान देने पर अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज
कपसाड़ कांड में सोशल मीडियो पर चल रहे आरोप प्रत्यारोप और एक बिरादरी के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी को संज्ञान में लेते हुए साइबर थाने पर पुलिस की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद साइबर थाने की टीम सक्रिय हो गई है। इस प्रकरण में सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम बयान और वीडियो को टीम ने कब्जे में ले लिया है। 

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आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। इस दौरान लोगों की लगी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और बयान का पुलिस ने लिया संज्ञान
साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखने के लिए हर थाने की साइबर टीम को सचेत कर दिया गया है। सरधना थाना क्षेत्र का ठाकुर चौबीसी का गांव कपसाड़ इन दिनों हत्या और अपहरण की वारदात से चर्चाओं में है। 

 

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आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव का पारस सोम आठ जनवरी को अनुसूचित जाति की सुनीता की सिर में धारदार हथियार से वारकर हत्या करके उसकी बेटी रूबी का अपहरण करके ले गया था। इस वारदात के बाद से कपसाड़ गांव सियासी केंद्र बन गया है। 

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आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया
इस दौरान कई लोगों ने सोशल मीडिया पर एक बिरादरी के प्रति अपशब्द कहे। साथ ही भड़काऊ बयान दिए। जिससे माहौल बिगड़ सकता था। हालांकि पुलिस अब आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को तलाश चुकी है। रविवार को पुलिस की ओर से साइबर थाने पर इसी प्रकरण में भड़काऊ बयान देने, एक बिरादरी के प्रति अपशब्द कहने पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया
यह है मामला
कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण किया गया था। पारस सोम इस मामले का मुख्य आरोपी है। इस वारदात ने इलाके में तनाव फैला दिया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम पारस को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया और युवती को सकुशल तलाश लिया गया था।
 
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रूबी और आरोपी पारस सोम - फोटो : पुलिस
रविवार को रूबी का महिला जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। दोपहर बाद सरधना और महिला थाने की पुलिस उसे लेकर सीजेएम-द्वितीय नम्रता सिंह की कोर्ट पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज हुए।

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