कपसाड़ में हत्या और अपहरण मामले में पेशी के दौरान मुख्य आरोपी पारस को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पारस ने मीडिया के सामने कहा कि मैंने किसी को नहीं मारा, मुझे बचा लीजिए। मैं बेगुनाह हूं। कोर्ट ने पारस सोम को जेल भेज दिया। जबकि रूबी को ज्योति केंद्र भेजा गया है। वहीं, रूबी ने पारस के खिलाफ गवाही दी है।
विज्ञापन
1 of 13
Meerut Murder and Kidnapping Case
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मेरठ के सरधना थाना इलाके के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मुख्य आरोपी पारस सोम को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रविवार को भारी सुरक्षा-व्यवस्था और गहमागहमी के बीच पुलिस ने पारस को स्पेशल सीजेएम की अदालत में पेश किया। उस पर हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की संगीन धाराएं लगी हैं।
वहीं, रूबी के एसीजेएम-द्वितीय की अदालत में बयान दर्ज कराए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार रूबी ने अपनी मां की हत्या और खुद के अपहरण के लिए पारस सोम को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। बयान के बाद उसे काउंसलिंग के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया।
विज्ञापन
2 of 13
आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। इस दौरान लोगों की लगी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10 मिनट तक चली पेशी
शाम करीब साढ़े चार बजे सरधना समेत कई थानों की फोर्स पारस सोम को घेरे में लेकर स्पेशल सीजेएम की अदालत में पहुंची। उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट सावन कुमार के समक्ष पेश किया गया। करीब दस मिनट तक चली पेशी के बाद आरोपी का रिमांड बनाकर उसे हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में जेल भेज दिया गया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले की जांच सीओ सरधना आशुतोष कुमार कर रहे हैं। कोर्ट के सामने सभी पुख्ता साक्ष्य पेश किए गए, जिसके आधार पर आरोपी को जेल भेजा गया है।
विज्ञापन
3 of 13
आरोपी पारस सोम को पुलिस ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। इस दौरान लोगों की लगी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पारस बोला-मैंने किसी को नहीं मारा, मुझे बचा लीजिए
दिन रविवार... छुट्टी का दिन, लेकिन मेरठ कचहरी में सन्नाटा नहीं बल्कि बूटों की भारी धमक है। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पूरा परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। वजह, अपहरण और हत्या का आरोपी पारस सोम की पेशी। मौके पर सीओ सरधना आशुतोष कुमार और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी खुद कमान संभाले हुए हैं।
कई थानों की फोर्स ने कचहरी को चारों तरफ से घेर लिया। रविवार को इतनी पुलिस देखकर वहां से गुजर रहे इक्का-दुक्का लोग भी हैरान हैं कि आखिर माजरा क्या है। तभी पुलिस की बोलेरो रुकती है। अंदर से निकलता है आरोपी पारस सोम। उसका हुलिया देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह वही आरोपी है।
विज्ञापन
5 of 13
आरोपी पारस सोम को कोर्ट में पेश करती पुलिस
मीडिया के सामने पारस ने खोली जुबान
उसने चेहरे से सिर तक मफलर लपेटा हुआ और ठंड से बचने के लिए शरीर पर एक चादर ओढ़ रखी थी। कचहरी परिसर में सन्नाटा था लेकिन जैसे ही पारस पुलिसकर्मियों के घेरे में आगे बढ़ा उसकी जुबान खुली।
विज्ञापन
6 of 13
आरोपी पारस सोम को कोर्ट में पेश करती पुलिस
'मैंने किसी को नहीं मारा'
मीडिया के कैमरों और पुलिस की मौजूदगी में उसने सिर्फ इतना ही कहा-मैंने किसी को नहीं मारा... मुझे बचा लीजिए। हालांकि इससे पहले मीडिया ने उससे कई सवाल किए जिन पर वह खामोश रहा, लेकिन अंत में उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए बचाव की गुहार लगाई।
विज्ञापन
7 of 13
आरोपी पारस सोम को कोर्ट में पेश करती पुलिस
वकील भी पारस की पैरवी के लिए दिखे मुस्तैद
वहां मौजूद बचाव पक्ष के वकील भी उसकी पैरवी के लिए मुस्तैद दिखे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने पुष्टि की है कि पारस सोम को जेल में दाखिल कर लिया गया है और उसे मुलाएजा बैरक में रखा गया है।
8 of 13
आरोपी पारस सोम को कोर्ट में पेश करती पुलिस
शनिवार की रात से जेल तक का सफर
शनिवार रात: पारस को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में रखा गया।
रविवार सुबह: उसका मेडिकल परीक्षण हुआ जिसके बाद सीधे कोर्ट लाया गया।
शाम 5:15 बजे पेशी पूरी होने के बाद आरोपी पारस सोम को चौधरी चरण सिंह जिला कारागार ले जाया गया।
9 of 13
रूबी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
युवती की पेशी की नहीं लगने दी किसी को भनक
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए रूबी के बयान बेहद गोपनीय तरीके से कोर्ट में कराए। स्पेशल सीजेएम कोर्ट के सामने सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और आशुतोष कुमार के साथ भारी फोर्स तैनात थी।
10 of 13
रूबी और आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबर फैलते ही मीडिया और वकीलों का जमावड़ा वहां लग गया लेकिन पुलिस ने बड़ी चालाकी से रूबी को एसीजेएम-द्वितीय की कोर्ट में पेश कर बयान करा दिए ताकि किसी को भनक न लगे। रूबी के बयानों को सीलबंद कर दिया गया है जो सोमवार को केस के विवेचक को सौंपे जाएंगे।
11 of 13
गांव कपसाड़ में गालियों व रास्तों पर तैनात पुलिस को दिशा निर्देश देते एसपी देहात अभिजीत कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पल-पल का अपडेट लेते रहे आला अधिकारी
पारस और रूबी की पेशी के दौरान पूरी कचहरी छावनी में तब्दील थी। डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी लगातार सीओ सरधना और सीओ सिविल लाइन से पल-पल का अपडेट ले रहे थे। वहीं इस दौरान आरोपी की ओर से बचाव पक्ष के वकील भी कोर्ट में मौजूद रहे।
12 of 13
गांव कपसाड़ में घुसने पर चेकिंग करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है मामला
कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण किया गया था। पारस सोम इस मामले का मुख्य आरोपी है। इस वारदात ने इलाके में तनाव फैला दिया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम पारस को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया और युवती को सकुशल तलाश लिया गया था।
गांव कपसाड़ में गालियों व रास्तों पर तैनात पुलिस को दिशा निर्देश देते एसपी देहात अभिजीत कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार को रूबी का महिला जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। दोपहर बाद सरधना और महिला थाने की पुलिस उसे लेकर सीजेएम-द्वितीय नम्रता सिंह की कोर्ट पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज हुए।