बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सरकार शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बच्चों के पास पढ़ने के लिए न तो किताबें हैं और न ही उन्हें खाना समय से मिल रहा है। इसी वजह से स्कूलों में बच्चों की संख्या घटती जा रही है। तमाम शिकायतों के बाद भी अधिकारी मिड-डे मील बांटने वाले एनजीओ पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।