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एक साथ उठीं छह अर्थियां: जिगर के टुकड़ों को कफन में देख बेसुध हुईं माताएं, बच्चों की चीख से सिहर उठा हर कोई

Mon, 17 Jul 2023 10:25 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

एक साथ उठीं छह अर्थियां: जिगर के टुकड़ों को कफन देख बेसुध हुईं माताएं, बच्चों की चीख से सिहर उठा हर कोई
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विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
कांवड़ियों के छह शव एक साथ मेरठ के राली चौहान गांव पहुंचे तो हर किसी की आंख से आंसू बहने लगे। बेटों के शव देखकर माताएं बेसुध हो गईं। पिता को खोने वाले बच्चों और महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, शाम से लेकर रात तक हर तरफ चीत्कार मचती रही। 

महिलाओं का विलाप देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। बेबस परिजन आंसू बहाते रहे...चीखते-चिल्लाते रहे कि अब किसके सहारे जिएंगे। वहीं, शाम को एक साथ छह अर्थियां उठीं तो कोहराम मच गया।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की जमीन भी कम पड़ गई। दो-दो करके सामूहिक चिताएं बनाई गईं। एक साथ छह चिताएं जलती देख हर कोई सिहर उठा। भर्रायी आवाज से बस इतना ही बोले कि हे भगवान, ऐसा मंजर कभी न देखने को मिले।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
राली चौहान गांव के लोग इस मनहूस दिन को ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। अपनों को खोने वाले परिजनों का गम इतना है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। शनिवार रात को सवा आठ बजे हुए दर्दनाक हादसे ने गांव के दो लोग और चार किशोरों को लील लिया। 

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विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, रातभर मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा रहा। परिजन अपनों को याद कर बेहाल हो गए। रात भर आंसुओं का सैलाब बहता रहा। परिचित और रिश्तेदार समझ ही नहीं पा रहे थे कि मृतकों के परिजनों को कैसे संभालें। 
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Kanwar Accident - फोटो : Amar Ujala
इसके बाद रविवार दोपहर को चार एंबुलेंस से छह शव एक साथ गांव पहुंचे तो हाहाकार मच गया। आसपास के गांवों से हजारों लोग पहुंच गए। गांव से एक साथ छह अर्थियां उठीं तो महिलाएं पीछे दौड़ पड़ीं। किसी तरह परिवार और गांव के लोगों ने उन्हें संभाला।
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एक साथ किया गया अंतिम संस्कार। - फोटो : अमर उजाला
तीन जगह जलीं चिताएं
गांव के श्मशान घाट में दो टीन शेड हैं। यहां पर चार चिताएं एक साथ लगाई गईं। दो चिताएं बाहर बनाई गईं। सगे भाई हिमांशु और प्रशांत की चिता एक साथ, जबकि चाचा-भतीजे महेंद्र और मनीष की चिता एक साथ लगाई गई। रिश्ते में ताऊ और भतीजे लख्मी व 12 साल के लक्ष्य की चिता एक साथ बनाई गई। सभी को एक साथ मुखाग्नि दी गई।
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सभी मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। - फोटो : अमर उजाला
नहीं जले गांव में चूल्हे
राली चौहान गांव में शनिवार रात से लेकर रविवार शाम तक महिलाओं का विलाप देखकर हर कोई बदहवास था। गांव में चूल्हे नहीं जले।
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kanwar accident - फोटो : Amar Ujala
ये शामिल हुए अंतिम संस्कार में
शव यात्रा में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक सतवीर त्यागी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विमल शर्मा, सुनील भराला, विनीत अग्रवाल शारदा, पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी, हरवीर पाल, अजित चौधरी, जयवीर सिंह, देवेंद्र गुर्जर, कौशल चौहान, समय सिंह सैनी, समीर चौहान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश काजला, युगांश राणा, सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, बसपा जिलाध्यक्ष महावीर प्रधान, भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, हर्ष चहल समेत कई गांवों से पहुंचे सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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