सरधना चर्च
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श्रद्धालुओं ने माता की चमत्कारी तस्वीर के समक्ष फूल मालाएं, अगरबत्ती खाद्य सामग्री और कपडे़ आदि चढ़ाकर मन्नतें मांगी। मेले में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कम ही रही। सुबह छह बजे प्रथम खीस्तयाग, आठ बजे द्वितीय और दस बजे धर्माध्यक्षीय समरोही खीस्स्तयाग, 12 बजे बीमारों एवं धार्मिक वस्तुओं की आशिष्ट कराई गई।