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बृहस्पति भवन में संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित व्यास समारोह के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने डॉ. राजवीर के निर्देशन में विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इसमें ताड़ासन, भैरवासन, पद्मासन, धुव्रासन, शीर्षासन, गरुड़ासन आदि शामिल रहा। छात्र-छात्राओं ने योग साधना से श्वांस को रोककर मृतप्राय के समान दिखाया। छात्राओं ने गले से सरियों को मोड़ा तो किसी ने सिर से ट्यूबलाइटों को तोड़कर हैरान कर दिया। सीने पर पत्थर रखकर तोड़ना हो या फिर लाठी का संचालन। हर क्रिया में छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया।