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हरिओम आनंद आत्महत्या केस: अब खुल रहे बड़े-बड़े राज, सामने आया ये प्रमुख नाम, कई अधिकारियों ने भी लगाया था पैसा

Sat, 04 Jul 2020 03:38 PM IST
कपिल kapil अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
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आनंद अस्पताल और हरिओम आनंद का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ में आनंद अस्पताल के एमडी हरिओम आनंद की मौत के बाद अब बड़े- बड़े राज खुलकर सामने आ रहे हैं। कई अधिकारियों समेत 97 लोगों ने अस्पताल में पैसा लगाया था। वहीं आखिर में हरिओम आनंद लगातार अपने शेयर खोते जा रहे थे, तो दूसरी तरफ उनके ऊपर कर्ज भी बढ़ रहा था। अस्पताल के शेयर धारकों की जो सूची लीक हुई है, उसके अनुसार हरिओम आनंद परिवार के पास 31 मार्च 2018 को सिर्फ 20 प्रतिशत शेयर ही बचे थे। जिसे लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। आगे पढ़िए पूरा अपडेट-
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हरिओम आनंद आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला
हालांकि सूत्रों का कहना है कि बाद में यह शेयर और भी घट गए, लेकिन इसकी सूची अभी कहीं नहीं मिल रही है। 2018 के वित्तीय वर्ष शुरू होने पर आनंद अस्पताल के शेयर धारकों की जो सूची जारी हुई थी, उसमें कुल 97 शेयर धारक हैं। इनमें भी 21 नाम ऐसे हैं जो सबसे बड़े हैं। बाकी लोग बहुत ही छोटे स्तर पर हैं। इन्हीं 21 लोगों के बीच अब विवाद चल रहा था। 
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आनंद अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
ये हैं प्रमुख 21 शेयर धारक 
डॉ. अजय गुप्ता, हरिओम आनंद, एमबी वर्मा, मीना आनंद, मोना सिंह, डॉ. एनपी सिंह, डॉ. संजय अग्रवाल, गौतम आनंद, हरिओम आनंद एंड संस, मानसी आनंद, अनुजा चावला, कमलेश वोहरा, चिरंजीव तनेजा, सोनाक्षी तनेजा, चिराग तनेजा, दिवास तनेजा, अमन तनेजा, चरणजीत सिंह सेठी व तरणजीत सिंह सेठी पुत्र जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, पल्लवी भारद्वाज।

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हरिओम आनंद आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला
इतने प्रतिशत हैं इनके शेयर
सूची के अनुसार हरिओम आनंद परिवार के पास कुल 20 प्रतिशत शेयर, सेठी परिवार के पास 25 प्रतिशत शेयर, ललित भारद्वाज के पास 15 प्रतिशत और तनेजा परिवार के पास 18.50 प्रतिशत शेयर हैं। डॉ. एनपी सिंह, डॉ. अजय गुप्ता और डॉ. संजय अग्रवाल के पास पांच-पांच प्रतिशत शेयर थे। बताया जाता है कि विवाद के बीच इन चिकित्सकों के शेयर भी सेठी परिवार ने ले लिए, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हो रही है। ऐसे में सेठी परिवार के शेयर सबसे ज्यादा हैं।
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हरिओम आनंद आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला
अलग से भी उठाया था मोटा कर्ज 
ये वो लोग हैं जिनके पैसे लिखित में अस्पताल के शेयर्स में नजर आते हैं। तमाम लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने हरिओम आनंद की साख को देखते हुए कभी कर्ज में मोटा पैसा दिया था। इसमें मुमताज कामरान ऐसा नाम है, जो उन्हें अपनी गारंटी पर पैसा उपलब्ध कराता था। पूर्व एमएलसी हरपाल सिंह सैनी के भाई समय सिंह सैनी ने भी अलग से ही कर्ज दिया था। ऐसे तमाम लोग हैं जो अब इस नंबर दो में दिए गये कर्ज के लिए अप्रत्यक्ष रूप से दबाव तो बना रहे थे, लेकिन सामने आने से बचते रहे। 
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हरिओम आनंद आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला
तीन लोगों के मिलते ही बना हरिओम आनंद पर दबाव 
अस्पताल में कहने को तो 97 लोगों के शेयर हैं। लेकिन इस समय के जो हालात थे, उसमें सेठी, भारद्वाज और तनेजा तीनों आपस में मिले तो इनकी हिस्सेदारी 58 प्रतिशत पहुंच गई। ऐसे में साफ हो गया कि अब अस्पताल का नियंत्रण इनके हाथ में आ जाना चाहिए था। चूंकि अस्पताल हरिओम आनंद ने बनाया था, तो वह इसे कैसे स्वीकार करते। दूसरी तरफ वह कर्ज के बोझ तले इतना दब चुके थे कि इन लोगों की हिस्सेदारी वापस भी नहीं कर सकते थे। इसी को लेकर विवाद गहरा गया। 
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हरिओम आनंद आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला
कई अधिकारियों का भी लगा है पैसा 
आनंद अस्पताल में एक चर्चित व्यक्ति के माध्यम से कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की भी काली कमाई लगी है। जिसे लेकर चर्चा है। प्रत्यक्ष रूप से इन लोगों ने पैसा नहीं लगाया तो ये सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन पैसे को वापस पाने के लिए दबाव बना रहे हैं।

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हरिओम आनंद आत्महत्या मामला - फोटो : अमर उजाला
सात दिन में मुंडाली थाने तक नहीं पहुंची विसरा रिपोर्ट
हरिओम की विसरा रिपोर्ट को पुलिस ने लावारिस हालत में छोड़ दी। वह कहां व किसके पास है, इसकी जानकारी पुलिस के पास नहीं है। सात दिन बीत चुके हैं, अभी विसरा रिपोर्ट मुंडाली थाने तक भी नहीं पहुंची। पुलिस इस हाईप्रोफाइल केस की जांच किस तरीके से कर रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। मुंडाली पुलिस ने हरिओम आनंद का पोस्टमार्टम कराया था, लेकिन विसरा रिपोर्ट लेना भूल गई। 

एसओ मुंडाली रवि चंद्रवाल का कहना है कि विसरा रिपोर्ट थानों में भेजने का काम मेडिकल पुलिस का है। वहीं, एसओ मेडिकल कुलबीर सिंह का कहना कि विसरा रिपोर्ट के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। हेड मोहर्रिर से इसकी जानकारी ली जाएगी व फिर उसको मुंडाली थाने में भेजा जाएगा। सवाल है कि यह है कि विसरा रिपोर्ट फोरेंसिक लैब कब जाएगी।

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एसएसपी आवास पर एसएसपी अजय साहनी से मिलने पहुंचीं मानसी आनंद व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
फिर वही सीमा विवाद
एसओ मेडिकल कुलबीर सिंह का कहना है इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। यह घटना मुंडाली में हुई है। एसओ मुंडाली रवि चंद्रवाल का कहना कि अभी तक इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। न ही यहां से कोई लेना देना है। दोनों थानेदारों ने यह भी कहा कि इस मामले में अभी तक कोई भी केस नहीं बनता है। 
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एसएसपी अजय साहनी - फोटो : अमर उजाला
विसरा रिपोर्ट फोरेंसिक लैब में भेजी जाएगी। उसी के आधार पर पुलिस की अगली कार्रवाई चलेगी। पीड़ित परिवार कार्रवाई कराना चाहता है या नहीं, इससे विसरा रिपोर्ट का कोई लेना देना नहीं है। लैब से जांच रिपोर्ट आएगी, उसी पर पुलिस की विवेचना शुरू होगी। - अजय कुमार साहनी, एसएसपी

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