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शिकंजा: याकूब कुरैशी ने बदले 20 से ज्यादा ठिकाने, आखिर खुला ऐसा राज, पुलिस अफसर भी रह गए हैरान

Fri, 02 Dec 2022 06:08 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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हाजी याकूब कुरैशी - फोटो : अमर उजाला
पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी व उनकी पत्नी संजीदा बेगम आठ महीने में 20 से ज्यादा ठिकाने बदल चुके हैं। ठिकाना बदलने से पहले दंपती इंटरनेट कॉल करके बेटे इमरान और फिरोज से बात करते और तुरंत वहां से निकल जाते थे।

पुलिस का दावा है कि उनके पास कोई मोबाइल नहीं है, वह हमेशा दूसरे के मोबाइल से ही कॉल करते हैं। जेल जाने से पहले फिरोज ने अपने भाई इमरान का जो नंबर पुलिस को दिया, उससे सिर्फ इंटरनेट (व्हाट्सएप व फेसबुक मेसेंजर) कॉलिंग होती हैं। इंटरनेट कॉलिंग का डाटा लेने के लिए पुलिस ने कैलिफोर्निया मुख्यालय को पत्राचार शुरू कर दिया।
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हाजी याकूब कुरैशी। - फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक, याकूब कुरैशी, संजीदा बेगम का खर्च, कोर्ट से संबंधित अधिवक्ताओं से बातचीत और मीट कारोबार की पूरी जानकारी इमरान कुरैशी को ही है। इमरान लगातार मीट कारोबारियों, रिश्तेदारों और पिता याकूब के संपर्क में हैं। पुलिस का मानना है कि इमरान की गिरफ्तारी होते ही याकूब और संजीदा बेगम भी आसानी से पकड़े जाएंगे। पुलिस का फिरोज की गिरफ्तारी के बाद इमरान ही टारगेट है। इमरान इंटरनेट कॉलिंग से बात कर रहे हैं।
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हाजी याकूब कुरैशी (बाएं) - फोटो : amar ujala
पुलिस की पूछताछ में फिरोज ने बताया था कि उसके माता-पिता 20 से ज्यादा अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदल चुके हैं। वह रिश्तेदारों के यहां नहीं, बल्कि मीट कारोबारियों के यहां रहकर फरारी काट रहे हैं।

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हाजी याकूब कुरैशी - फोटो : अमर उजाला
नया ठिकाना बदलने से पहले मीट कारोबारी के मोबाइल से याकूब अपने दोनों बेटों से इंटरनेट कॉल करके बातचीत करते हैं और फिर वहां से चले जाते हैं। उनको भी वे नहीं बताते कि अगला ठिकाना कौन सा है। पिछले आठ माह से याकूब ऐसा ही करते आ रहे हैं। फिरोज द्वारा जिन-जिन ठिकानों के नाम बताए गए हैं, पुलिस वहां से भी जानकारी जुटाने में लगी है।
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हाजी याकूब कुरैशी। - फोटो : amar ujala
वसीम का रखा था याकूब की फैक्टरी में मीट 
हापुड़ रोड स्थित याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी में करोड़ों रुपये कीमत का मीट मेरठ के ही वसीम का रखा होना बताया गया है। वसीम भी मीट कारोबारी है, लेकिन अभी उनका नाम पुलिस के रिकॉर्ड में नहीं है। याकूब की फैक्टरी का मीट वियतनाम के रास्ते चीन में करोड़ों में निर्यात होता था। टैक्स बचाने के लिए यह खेल 2014 से चलना बताया गया है। पुलिस ने जीएसटी विभाग को भी इसकी जानकारी दी है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच करने में जुटी है।
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याकूब कुरैशी का बेटा - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में भी लोकल में सप्लाई किया मीट 
पुलिस के मुताबिक, 2019 से मीट फैक्टरी बंद है। फैक्टरी में रखे करोड़ों रुपये कीमत के मीट को सप्लाई करने के लिए कोर्ट ने याकूब को तीन महीने का समय दिया था। इसके बावजूद लगातार मीट का निर्यात होता गया। पुलिस जांच में सामने आया कि कोरोना काल में 2020 में याकूब की फैक्टरी से विदेश की जगह यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में मीट सप्लाई होता रहा। इस संबंध में याकूब कुरैशी से जवाब लेने के लिए पुलिस ने नोटिस दिया था। मगर कोई जवाब नहीं आया।
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हाजी याकूब कुरैशी -बसपा - फोटो : अमर उजाला
यह था मामला 
31 मार्च, 2022 को याकूब कुरैशी और परिवार समेत 17 लोगों को खरखौदा में अवैध तरीके से मीट पैकिंग करने के मामले में नामजद करते मुकदमा पंजीकृत हुआ था। याकूब परिवार सहित भागते रहे और पुलिस कानूनी शिकंजा कसती गई। कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली। गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस याकूब और उसके परिवार को गिरफ्तार करने में लग गई।
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