फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरनाक मंजर..गोलियां चल रही थीं, पत्थर बरस रहे थे, यूपी बवाल की कहानी, घायलों की जुबानी

Sun, 22 Dec 2019 03:19 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 8
Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
‘गोलियां चल रही थीं...पत्थर बरस रहे थे। मंजर इतना खतरनाक था कि अल्फाजों में बयां करना मुश्किल है। एक तरफ बेखौफ भीड़ थी, तो दूसरी तरफ पुलिस। चारों तरफ उपद्रव ही उपद्रव।’ यह कहना है मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती घायल पुलिसकर्मियों और लोगों का। किसी को गोली लगी है तो कोई पत्थर लगने से घायल है।

 
विज्ञापन

2 of 8
आरएएफ के दरोगा विधाधर शुक्ल - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल में भर्ती 108 आरएएफ के सब इंस्पेक्टर बीडी शुक्ला अमेठी के रहने वाले हैं। उनके पैर में गोली लगी है। उन्होंने बताया कि चारों तरफ से पथराव हो रहा था। भीड़ गोली भी चला रही थी। एक गोली आकर मेरे पैर में लगी। साथियों ने मुझे गली में ले जाकर बैठाया। कुछ देर बाद पुलिस पार्टियां इकट्ठा हुई। तब जाकर साथी पुलिसवाले अस्पताल लेकर आए।
विज्ञापन

3 of 8
घायल सिपाही अंकित राठी - फोटो : अमर उजाला
आरएएफ के सिपाही अनुज कुमार और अंकित राठी भी मेडिकल में भर्ती हैं। अंकित के हाथ में गोली लगी है। उन्होंने बताया कि उपद्रवी पत्थर के साथ गोली भी चला रहे थे। वहीं, अनुज के चेहरे पर पत्थर लगे हैं।

 

4 of 8
घायल आरएएफ का जवान अनुज - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज लाए गए समद (18) पुत्र इकबाल के कंधे में गोली लगी है। वह श्यामनगर का रहने वाला है। इसने बताया कि मैं शॉप्रिक्स मॉल में किताबों में बाइडिंग का काम करता हूं। पैदल घर जा रहा था, तभी देखा झगड़ा होने लगा। अचानक कोई चीज आकर लगी और मैं बेहोश हो गया। मेरे दोस्त मुझे घर लेकर गए।

 
विज्ञापन

5 of 8
घायल अमजद - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल में भर्ती अमजद (18) के हाथ में गोली लगी है। उसने बताया कि वह पीर वाली गली में किराए के मकान में परिवार के साथ रहता है। बाहर से शोर की आवाज आ रही थी। मैंने बाहर निकलकर देखा तो बहुत भीड़ थी। लोग ज्यादा थे और पुलिसवाले कम। अचानक पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। मेरे हाथ में गोली आकर लगी। तभी मेरा भाई मुझे देखने घर से आया और अस्पताल ले आया। मेरे हाथ में फ्रैक्चर है।

 
विज्ञापन

6 of 8
injured man - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में भर्ती लखनऊ के रहने वाले खुर्शीद ने बताया कि मैं एक निजी चैनल में कार्यरत हूं। कवरेज के दौरान भूमिया का पुल से मैं इस्लामाबाद पुलिस चौकी पर कवरेज करने गया। वहां बाइक और पुलिस चौकी जल रही थी। मुझे लगा यहां उपद्रवी नहीं है। मैं वीडियो बनाने लगा। तभी चार-पांच उपद्रवी आए और मुझे पकड़ लिया। ईंटों से मेरे सिर पर प्रहार कर दिए। माइक आईडी तोड़ दी, हेलमेट छीन लिया। साथी पत्रकार ने मुझे अस्पताल में भर्ती कराया। 
विज्ञापन

7 of 8
injured man - फोटो : अमर उजाला
दो घायल मेडिकल से ले गए 
शुक्रवार को मेडिकल लाए गए रईस को परिजन अस्पताल से ले गए। इसके अलावा आरएएफ की सिपाही बलजीत कौर को आरएएफ कैंप में ले जाया गया।
विज्ञापन

8 of 8
बवालियों ने नकाब बांधकर खूब बरसाईं गोलियां - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर और मुजफ्फरनगर के घायल भी हैं भर्ती
मेडिकल में बिजनौर और मुजफ्फरनगर से रेफर होकर आए घायल भी भर्ती हैं। इनमें कफील, सलमान निवासी बिजनौर हैं। बिजनौर से ही सिपाही मोहित भी यहां भर्ती हैं। उनके पेट में गोली लगी है। वहीं, समीर निवासी मुजफ्फरनगर भी भर्ती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें