शामली में स्थित मस्जिद
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पुलिस के मुताबिक अब्दुल मजीद के 2001 में अपने पिता और एक भाई के साथ बांग्लादेश के नाकूरा के रास्ते से बिलोनिया बॉर्डर को अवैध रूप से पार कर कोलकाता पहुंचा। वहां पर कुछ दिन रहने के बाद उत्तर प्रदेश में आया। 2004 में शामली पहुंचा और इसके बाद कर्नाटक, उज्जैन समेत कई स्थानों पर घूमता रहा। उसने शामली में फर्जी सूचनाओं और दस्तावेजों के आधार पर पैन कार्ड, एक ही नंबर के दो आधार कार्ड बनवाए और दो बैंकों में खाते भी खुलवा लिए। अपने भाई को भारत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मलेशिया में नौकरी पर भेजने में सफल हो गया।