अमिशा और अमान अपनी बेटी अमाइशा के साथ
- फोटो : अमर उजाला
संतान की पहली लोहड़ी मनाएं
सुपरटेक निवासी अमिशा और अमान अपनी बेटी अमाइशा की लोहड़ी मनाने के लिए काफी पहले से तैयारी में जुटे हैं। अमिशा कहती हैं ऐसी भी क्या परंपरा कि बेटा पैदा हो तो उसकी लोहड़ी मनाओ, लेकिन बेटी की नहीं। ऐसी परंपराएं गलत हैं।
संतान की पहली लोहड़ी मनानी चाहिए। चाहे वह संतान बेटा हो या बेटी। आज बेटियां विदेश में पढ़ रही हैं, जॉब कर रही हैं तो उन्हें लोहड़ी मनाने का हक क्यों नहीं। हम लोगों ने एक फैमिली गेट टू गेदर रखा है, जिसमें अपनी बेटी की लोहड़ी मनाएंगे।