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Lockdown update west up: सातवें दिन मुजफ्फरनगर-बिजनौर में जेल से रिहा हुए सौ से ज्यादा विचाराधीन कैदी, मेरठ में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

Tue, 31 Mar 2020 10:38 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
लाॅकडाउन के बीच मेरठ में आज जहां सूबे के मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गईं हैं वहीं बिना वजह सड़कों पर निकलने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करने लगी है। उधर, मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने 21 मार्च के बाद विदेश से आने वालों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं मुजफ्फरनगर और बिजनौर समेत दोनों जिलों में तकरीबन सौ से ज्यादा विचाराधीन कैदियों को रिहा कर दिया गया है। आगे जानें लाॅकडाउन के बीच कैसा है सातवें दिन का हाल
 
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लोगों को खदेड़ती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात को जिला जेल प्रशासन ने मुजफ्फरनगर कारागार से 131 विचाराधीन बंदी अंतरिम जमानत पर रिहा किए हैं। इनमें 57 शामली के है।वहीं बिजनौर में जिला जेल से 47 कैदियों को रिहा किया गया है। इन कैदियों को भी सोमवार रात को ही रिहा कर दिया गया।

 
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चेकिंग करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर जिला प्रशासन लाॅकडाउन के सातवें दिन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। प्रशासन ने निजामुद्दीन तब्लीगी जमात में बिजनौर से जाने वाले लोगों को खोजना शुरू कर दिया है। हालांकि आज सुबह दुकानों पर जनता की भीड़ कम दिखी वहीं बाहर निकलने वालों पर पुलिस सख्त रही। डीएम रमाकांत पांडेय ने सोमवार रात को शहर में लाॅकडाउन का निरीक्षण किया। शहर में बेवजह घूमने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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lockdown - फोटो : amar ujala
शामली जिले में बाॅर्डर सील होने के कारण सबसे ज्यादा समस्या पशुपालकों और गौशाला संचालकों को आ रही है। रास्ते बंद होने के कारण व्यापारियों को भी खाद्य सामग्री की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसे लेकर थोक व्यापारी काफी परेशान है।

उनका कहना है कि दुकानों में स्टाॅक खत्म होने लगा है वहीं सामान लाने में समस्या आ रही है। लाॅकडाउन के सातवें दिन शहर में फिर से सन्नाटा पसरा है। हालांकि सुबह लोग दूधा, सब्जी और अन्य सामान लेने के लिए घरों से निकले। नौ बजते ही पुलिस ने दुकानें बंद करा दी जिसके बाद सड़कें फिर से सूनी हो गईं।
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
सहारनपुर में आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी ने कर्मचारियों से पलायन नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का उददेश्य विफल हो रहा है। तहसीलदार कमलेश कुमार ने बताया कि जय कृष्णा पैलेस को आश्रय स्थल बनाया है। इसमें 50 लोगों के ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था है। 
 
फतेहपुर थाने के गांव चौबारा के चार युवक जम्मूू कश्मीर में फंसे हुए हैं। परिजन मुकर्रम, अकबर आदि ने बताया कि उनके बेटे रिहान खान, हारुन, सलमान, शाकिर जम्मू कश्मीर के जिले सांबा के बरी ब्रह्मणा क्षेत्र में जनता कर्फ्यू के बाद से ही फंसे हैं। सभी वेल्डर का काम करते थे। ठेकेदार द्वारा उन्हें मजदूरी भी देने से मना कर दिया गया है। ऐसे में उनके सामने वहां भूखों मरने की नौबत आ गई है। 
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
परिजनों ने डीएम से अपने बच्चों को वहां से निकलवाकर घर तक पहुंचाने या फिर वहीं उनके खाने पीने की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है। उधर गांव खैरी मढ़ती निवासी खालिद आदि ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश के ऊना जनपद में ठेकेदार का कार्य करते हैं। 

पिछले काफी समय से उनकी लेबर वहां पर काम कर रही है, जिसमें सैकड़ों मजदूर शामिल है। यह सभी मजदूर जनपद सहारनपुर के अलग.अलग गांवों से है। ठेकेदार महबूब व रिजवान ने बताया कि वहां फंसे मजदूरों के पास खाने पीने का सामान खत्म हो गया है। उन्होंने सभी मजदूरों को घर पहुंचाने की मांग की है।
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