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मीलों की दूरी और घर पहुंचने की मजबूरी...लोग पैदल चलने को बेबस, दोहरी भूमिका निभा रही पुलिस

Sun, 29 Mar 2020 07:38 PM IST
Dimple Sirohi मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
इस समय सड़कों पर हाल यह है कि लोग पैदल अपने घरों की तरफ बढ़ रहे हैं। भले ही यह केसरिया कपड़ों में न हों और यह समय कावड़ यात्रा का न है। लेकिन न कोई परिवहन व्यवस्था और न ही सुविधा। सामाजिक संगठन गाहे.बगाहे कहीं खाने की व्यवस्था तो करा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि कहीं शिविर हो या सरकारी स्कूल व कॉलेजों में रुकने की कोई व्यवस्था की गई हो।

कोई भूखा ही पैदल चल रहा है तो किसी पर पुलिस की लाठियां पड़ रही हैं। एक तरफ पुलिस खाना खिला रही है तो दूसरी तरफ कुछ लोग बता रहे हैं पुलिस गाली देकर ही बोलती है। इन पैदल चलते यात्रियों के लिए कोई भोजन उपलब्ध करा दे तो सही, नहीं तो पूरे पूरे दिन भूखे ही रहना पड़ रहा है। शहर की सड़कों से लेकर हाईवे और मुख्य मार्ग पर यही हाल है लेकिन सफर अभी लंबा है.....
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
शाहजहांपुर की मुढिया सबा निवासी गुरपाल मेरठ में मवाना रोड स्थित पेपर मिल में नौकरी करता है। लॉकडाउन होने के चलते पेपर मिल बंद हो चुका है। गुरपाल का कहना है कि पिछले पांच दिन से खाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

गांव शाहजहांपुर में करीब 350 किलोमीटर दूर है ऐसे में कोई वाहन भी नहीं है। न ही कोई आने जाने का साधन। युवक का कहना है कि पैदल चलना पड़ रहा है। रास्ते में पुलिस मिलती है तो गाली देकर बोलती है। करीब 5 दिन में घर पैदल पहुंचा जा सकता है। 
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
चंदौसी निवासी राजीवए जोगिंदर यादव केशव, सोनू, अभिषेक समेत 20 से अधिक युवक दिल्ली-देहरादून हाईवे पर पर कंपनी में काम कर रहे थे। जहां हाईवे पर निर्माण कार्य बंद हो गया। ऐसे में युवकों के सामने रोटी की भी समस्या पड़ गई। युवक मुजफ्फरनगर से पैदल ही चंदौसी के लिए चल दिए। 


 

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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
हापुड़ रोड पर युवकों ने बताया कि पास में पैसे तो हैं पर न तो कोई संसाधन है और न ही आने जाने की व्यवस्था। हर जगह पुलिस रोककर परेशान करती है। अब मजबूरी है। युवकों ने बताया की कावड़ यात्रा में रास्ते में शिविर या अन्य व्यवस्था में मदद तो मिल जाती है। लेकिन यहां तो कुछ भी नहीं मिल रहा। 

 
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लॉकडाउन मेरठ - फोटो : amar ujala
बच्चे और महिला भी बेबस
कंपनी गार्डन के पास कई परिवार के लोग सड़क पर ही हार थककर रुके हुए थे। जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी थे। यह परिवार बदायूं से आ रहा था। जिन्हें अंबाला अपने घर जाना है। महिलाओं का कहना है कि रास्ते में खाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

कहीं पुलिस भोजन दे दे तो ठीक है। नहीं तो ऐसी स्थिति आ रही है कि चलना मुश्किल हो रहा है। अब सब कुछ बंद हो चुका है। पता नहीं  कैसे घर पहुंचना होगा। दिल्ली रोड हापुर रोड पढ़ो और अन्य मार्गों पीड़ित परिवार अपने घरों की तरफ बढ़ रहे हैं। किसी के सिर पर थैला है तो हाथों में जूते चप्पल हैं।   
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लॉकडाउन - फोटो : amar ujala
एसएसपी अजय साहनी ने दोपहर को दिल्ली रोडए हापुड रोड और गढ़ रोड पर राउंड किया तो एसएसपी ने माना कुछ लोग जो पैदल आ जा रहे हैं उनके लिए पुलिस ने खाने की व्यवस्था भी की है। प्रशासन ने रोडवेज बसों की व्यवस्था कुछ स्थानों के दूर.दराज के लोग अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं। पुलिस के लिए निर्देश दिए गए हैं ऐसे लोगों के साथ दुर्व्यवहार न करें। बल्कि मदद करें।
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