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लाॅकडाउन बना मुसीबत: किसानों पर मंदी की मार, गंगा किनारे खेत में ही बर्बाद हुई सैकड़ों क्विंटल खरबूजे की फसल

Sun, 24 May 2020 02:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों के लिए लॉकडाउन बना मुसीबत
  • मंदी की मार से खेत में सड़ रही है खरबूजे की फसल
  • खेतों में ही पढ़े सैकड़ों क्विंटल तरबूज-खरबूजे
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बर्बाद हुई खरबूजे की फसल - फोटो : amar ujala
लाॅकडाउन के बीच किसानों पर दोहरी मार पड़ी है पहले बारिश के दौरान गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ तो अब फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों की फसल लाॅकडाउन के कारण बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है। गंगा किनारे खरबूजा, तरबूज आदि की खेती करने वाले किसानों की सैकडों क्विंटल फसल खेत में ही सड़ रही है। आगे जानें कैसे किसानों को फसल की लागत तो दूर ट्रांसपोर्ट का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है :-
 
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बर्बाद हुई खरबूजे की फसल - फोटो : amar ujala
मेरठ से सटे हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में गंगा किनारे खरबूजा और तरबूज, खीरा, ककड़ी आदि की खेती बड़े पैमाने पर किसानों द्वारा की जाती है। हर साल गर्मी के मौसम में जहां इन फसलों से किसानों को अच्छी आमदनी हो जाती थी। वहीं इस बार कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन लगने से किसान फसल को मंडी अथवा बाजार तक नहीं ले जा पा रहे हैं। नतीजन फसल खेत में ही बर्बाद हो रही है।
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बर्बाद हुई खरबूजे की फसल - फोटो : amar ujala
क्षेत्रीय किसान राजकुमार, हरि सिंह, प्रदीप, कृष्णपाल आदि का कहना है कि इस बार ईश्वर ने ऐसी तबाही मचाई है जिसके चलते किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। एक तरफ कोरोना से जान बचानी भारी हो रही है। वहीं दूसरी ओर खेत से बड़ा खर्च कर उगाई गई सब्जियों की लागत पूरी करना भारी हो रहा है। 

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बर्बाद हुई खरबूजे की फसल - फोटो : amar ujala
खरबूजा तरबूज को तुड़वा कर जब मंडी तक पहुंचते हैं तो मंडी में मंदी की मार के कारण ओने-पौने दामों में ही खरबूजा और तरबूज को बेचना पड़ रहा है जिससे उनकी लागत तो दूर, ट्रांसपोर्ट का भी पैसा वापस नहीं हो रहा है। जिसके कारण किसानों का मंडियों से मोहभंग हो रहा है। 
 
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बर्बाद हुई खरबूजे की फसल - फोटो : amar ujala
फतेहपुर प्रेम स्थित गंगा किनारे के खेतों में खरबूजा की फसल खेतों में ही पड़ी सड़ रही है। किसानों का कहना है कि लॉकडाउन ने इस बार गंगा किनारे उगने वाली प्लेज की खेती को प्रभावित किया है।
 
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