यूपी के बागपत में ककौर गांव के यमुना खादर के निकट शिकारी के खटके (शिकंजे) में फंसा तेंदुआ ग्रामीणों ने तो जिंदा बचा लिया, लेकिन दस घंटे बाद वन विभाग की सुपुर्दगी में इसकी मौत हो गई। दिन भर तमाशा बने इस तेंदुए की मौत को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं, लेकिन मौत के सही कारणों का पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा, जिसके लिए आईवीआरआई (इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) बरेली की टीम को बुलाया गया है और तब तक तेंदुए के शव को डीप फ्रिजिंग तापमान में रखा गया है।