कारगिल युद्ध
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एक अगस्त 1968 को गांव जेहरा में ताराचंद बैरागी के घर जन्मे राजेश बैरागी ने आठ सितंबर 1988 में सेना ज्वॉइन की। सात जुलाई 1999 को पैराशूट रेजीमेंट में लांस नायक राजेश बैरागी कारगिल में दुश्मनों से युद्ध कर शहीद हो गए थे। राष्ट्रीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया। उस समय जिला प्रशासन ने शहीद राजेश बैरागी के सम्मान में गंगोह के सहारनपुर बस अड्डा चौक पर उनकी प्रतिमा लगाने और गंगोह-वजीरपुर मार्ग का नामकरण भी उनके नाम पर करने की घोषणा की। गंगोह-वजीरपुर मार्ग पर उनके नाम का शिलापट लगा दिया, लेकिन उक्त शिलापट भी लापरवाही के चलते गायब हो चुका है। शहीद के पिता ताराचंद बैरागी, मां कांति देवी और भाई राकेश बैरागी का कहना है कि शहीदों को शासन, प्रशासन एवं नेता चंद दिनों बाद ही भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब तो राष्ट्रीय पर्वों एवं कारगिल दिवस तक पर जिला प्रशासन की ओर से कोई गांव में नहीं आता है।