कांधे पर कांवड़, पांव में घुंघरू, जुबां पर भगवान महाकाल शिव शंभू का नाम यही है सच्चे भक्तों की पहचान। मस्तक पर तिलक और केसरिया वेश में कावड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं। मेरठ मंडल में कावड़ियों का सैलाब उमड़ा हुआ है। भगवान शिव का गुणगान करते हुए भोले के भक्त सड़कों से गुजर रहे हैं।
9 से 11 वर्ष के बच्चे भी लाए कांवड़
कांवड़ यात्रा में इस बार युवाओं के साथ बुजुर्ग, महिला और बच्चों की संख्या सर्वाधिक है। गाजियाबाद निवासी 9 वर्षीय शिव भक्त आकाश ने बताया कि पहली बार पिता के साथ कांवड़ लाया हूं। यात्रा में कोई कठिनाई नहीं हुई, अब हर साल कांवड़ लाऊंगा। दिल्ली की शीला और सुषमा ने बताया कि पहली बार कांवड़ लाई हूं। देश भर से विभिन्न राज्यों से कांवड़िया जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। मेरठ, सहारनपुर, शामली, बिजनौर, बागपत और मुजफ्फरनगर से तस्वीरों में जानिए कांवड़ यात्रा का हाल।