मन में मन्नत, कंधे पर गंगाजल
कई डाक कांवड़ियों के लिए यह यात्रा किसी मनौती से जुड़ी है। किसी ने परिवार की खुशहाली के लिए तो किसी ने मनोकामना पूरी होने पर भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाने का संकल्प लिया है।
पैरों में छाले हैं, तलवों में दर्द है, शरीर थका हुआ है, लेकिन चेहरे पर शिकायत नहीं। दर्द के सामने उनका हौसला कहीं बड़ा नजर आता है। कंधे पर गंगाजल और मन में मन्नत लिए ये शिवभक्त लगातार आगे बढ़ रहे हैं।