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कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की हत्या की कहानी: 800 फास्टफूड और 2800 उधार, ईंट से मार डाला; मां के दावे से नया मोड़

Tue, 02 Jun 2026 01:30 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में कबड्डी खिलाड़ी हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सामने आया है कि अनुष्का के परिवार ने 33 दिन पुलिस थाने के चक्कर लगाए थे। लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। पुलिस सुन लेती तो अनुष्का के शव का ये हाल नहीं होता। परिवार ने पहले ही फास्ट फूड विक्रेता का नाम बता दिया था।
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anushka murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का उर्फ रिया (17) हत्याकांड में मेरठ पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। मृतका के पिता नेमपाल ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो उनकी बेटी का शव इस बदतर हालत में न मिलता कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो जाए। 

परिजनों को 33 दिनों तक चौकी और थाने के चक्कर काटने पड़े। अब पीड़ित परिवार लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आरोपी के एनकाउंटर या फांसी की मांग कर रहा है।

सोमवार को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी पहुंचे दौराला क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी नेमपाल ने बताया कि 15 अप्रैल की रात से अनुष्का लापता थी। शुरुआत में रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। 28 अप्रैल को लिखित शिकायत देकर फास्टफूड विक्रेता श्याम धानक पर शक जाहिर किया और उसका नंबर भी दिया, जिसके बाद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई। 
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कंकरखेड़ा थाने पर राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की हत्या के मामले में परिजनों से जानकारी लेते सीओ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को दो बार पकड़कर पूछताछ भी की लेकिन वह हत्या का राज नहीं उगलवा सकी और हर बार आश्वासन देकर टरकाती रही। पिता का कहना है कि अनुष्का कबड्डी खिलाड़ी थी, वह अकेले आरोपी का मुकाबला कर सकती थी। 
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अनुष्का की मां से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अकेला फास्टफूड विक्रेता उसकी हत्या कर शव को नाले में नहीं फेंक सकता, वारदात में अन्य लोग भी शामिल हैं। परिजनों के मुताबिक, 13 अप्रैल को आरोपी श्याम धानक अनुष्का के किराये के कमरे पर आया था और रुपयों के लेन-देन को लेकर उनका झगड़ा हुआ था। अनुष्का के गायब होने के बाद से ही आरोपी की दुकान भी बंद थी, जिससे शक गहरा गया था।

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अनुष्का की मां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अवशेष देख बेटी को पहचान नहीं पाई मां
राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का हत्याकांड में एक भावुक कर देने वाला मोड़ सामने आया है। करीब डेढ़ महीने तक नाले में पड़े रहने के कारण अनुष्का का शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था। मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में शव के अवशेष देखकर अनुष्का की मां ललिता बेटी को पहचान नहीं पाईं। उन्होंने कहा, मेरी बेटी के दाईं आंख के नीचे निशान था, वह जींस नहीं पहनती थी और उसके बाल छोटे थे। 

 
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पोस्टमार्टम हाउस में ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह मेरी बेटी का शव नहीं है। हालांकि बाद में पिता नेमपाल ने मौके से बरामद अनुष्का के मोबाइल और जींस से उसकी शिनाख्त की। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम पुलिस बल की मौजूदगी में शव के अवशेषों का पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब पुलिस मृतका के डीएनए मिलान की प्रक्रिया पूरी कराएगी। 
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गमगीन अनुष्का की मां और अन्य महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां द्वारा शव न पहचानने को लेकर एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने स्पष्ट किया कि शव के पास से जींस और एक खेलो इंडिया की टीशर्ट ही बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि इतने दिनों तक शव पड़े रहने के कारण त्वचा पीछे हटने लगती है, जिससे बालों और नाखूनों का अंदरूनी हिस्सा बाहर दिखने लगता है। इससे बाल और नाखून बढ़े होने का भ्रम पैदा होता है। 

 
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अनुष्का की मौत का खुलासा होने के बाद पहुंचे ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आठ सौ फास्टफूड और 28 सौ उधार लिए 
आरोपी ने मात्र 3,600 रुपये के विवाद में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इसमें 800 रुपये का अनुष्का ने चाऊमीन, बर्गर, मोमोज आदि खाया था और 2,800 रुपये उसने बाद में देने की बात कहकर उधार लिए थे।

 

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अनुष्का की मां और अन्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नाले के पास की हत्या बोरे में फेंका शव
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि आरोपी ने बताया कि उसका नाले के पास ही विवाद हुआ था। यहीं आरोपी ने अनुष्का के सिर पर ईंट से कई वार किए और शव बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया। जिस जगह ये वारदात हुई वहां सीसीटीवी नहीं है। अन्यथा काफी दिन पहले ये वारदात खुल जाती। वहीं पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगी है जिसमें जींस पहने अनुष्का और आरोपी दिखाई दे रहे हैं।

 

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थाने पहुंचे सपा विधायक अतुल प्रधान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों में भी दिखा गुस्सा
वारदात के बाद मोर्चरी, पुलिस कार्यालय और कंकरखेड़ा थाने पहुंचे ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप था कि उच्चाधिकारियों से शिकायत करने से पहले तक कंकरखेड़ा थाना और चौकी पुलिस लगातार लापरवाही बरतती रही। अनुष्का के चाचा सोनू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजीव चिरौड़ी, सोनू प्रधान और नितिन कटारिया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने और आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग उठाई।

 

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थाने पहुंचे सपा विधायक अतुल प्रधान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किशोर की हत्या में अनुष्का के हत्यारोपी को हुई थी उम्रकैद
राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की निर्मम हत्या करने वाला देहरादून निवासी आरोपी श्याम धानक बेहद शातिर और पुराना सजायाफ्ता अपराधी है। उसने ठीक इसी अंदाज में 18 साल पहले भी एक जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था। वर्ष 2008 में लालकुर्ती थाना इलाके में एक 13 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में जिला अदालत ने उसे दोषी पाते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी। 

 

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अनुष्का की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैरानी की बात यह है कि उस समय भी आरोपी श्याम धानक ने किशोर के सिर पर ईंट से वार कर उसकी हत्या की थी और शव को पॉलीथीन में लपेटकर नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने तब आरोपी के खिलाफ हत्या और कुकर्म सहित गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर उसे जेल भेजा था। बाद में कुकर्म के आरोप से बरी होने पर आरोपी ने जिला अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की, जहां से उसे जमानत मिल गई। जेल से बाहर आते ही इस दरिंदे ने एक और होनहार नाबालिग खिलाड़ी की जान ले ली। 

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कबड्डी खिलाड़ी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अपहरण में दर्ज की गई प्राथमिकी मोहाली में छिप गया था आरोपी
अनुष्का के पिता नेमपाल ने 28 अप्रैल को कंकरखेड़ा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 (2) के तहत अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी कृष्णा पब्लिक स्कूल कंकरखेड़ा बाईपास में 12वीं की छात्रा थी और करीब 10 महीने से शोभापुर गांव में नरेश पाल के मकान में किराये पर रह रही थी। 15 अप्रैल की रात को आखिरी बार उससे फोन पर बात हुई थी, जिसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 

 

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कबड्डी खिलाड़ी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
17 अप्रैल को जब परिजन कमरे पर पहुंचे तो मकान मालिक ने बताया कि अनुष्का गांव जाने की बात कहकर निकली थी। वह अक्सर शोभापुर मोड़ के पास फास्टफूड खाने जाती थी। स्थानीय पुलिस की ढील के बाद शनिवार को पीड़ित परिवार ने एडीजी भानु भास्कर और एसएसपी अविनाश पांडेय से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। अफसरों के कड़े आदेश के बाद हरकत में आई पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी श्याम धानक को मोहाली (चंडीगढ़) से दबोच लिया।

 

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Anushka Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एसडीएम ने दिया आश्वासन
सोमवार को एसडीएम सरधना और एसपी सिटी ने पीड़ित परिवार के पैतृक गांव पहुंचकर परिजनों से बात की और उन्हें हरसंभव आर्थिक व कानूनी मदद दिलाने का मुकम्मल आश्वासन दिया। इससे पहले, मोर्चरी पर शव के अवशेष देखकर परिजन जब शिनाख्त को लेकर असमंजस में थे, तो पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि यह अनुष्का का शव नहीं है, तो वे जा सकते हैं। इस पर गहनता से गौर करने के बाद आखिरकार पिता नेमपाल और मां ललिता ने कपड़ों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर बेटी के शव की पहचान कर ली। 

 
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फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। उन्हें शासन प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। आरोपी ने जघन्य अपराध किया है। गहनता से जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रयास किया जाएगा कि आरोपी को फांसी की सजा दिलाई जाए। एसएसपी मेरठ को निर्देश दिया है कि लापरवाही बरतने के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।-भानु भास्कर, एडीजी मेरठ
 
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