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प्रेम कहानी ऐसी भी: प्रेमिका ने बेटी बन सैंकी की मां को दिलाया इंसाफ, पिता-भाइयों ने जिंदा जला दिया था प्रेमी

Fri, 04 Apr 2025 01:14 PM IST
डिंपल सिरोही जगेंद्र उज्ज्वल, अमर उजाला, मेरठ

सार

बेटी के प्रेमी को कार में जलाकर हत्या करने वाले पिता व भाइयों समेत पांच को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड में प्रेमिका ने प्रेमी की माैत के बाद उसकी मां को न्याय दिलाने में आखिरी पड़ाव तक लड़ाई लड़ी। पढ़ें ये भावुक कर देने वाली अनूठी कहानी।
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सैंकी हत्याकांड में सात साल बाद इंसाफ - फोटो : अमर उजाला
सात साल पहले बेटी के प्रेमी संजीव उर्फ सैंकी को जिंदा जलाकर मारने वाले गुलाब सिंह, उसके बेटों पम्मी, जॉनी उर्फ विशाल, सन्नी और एक अन्य राहुल को दोषी करार देकर अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। संजीव का जला हुआ शव गंगानगर थाना क्षेत्र के ललसाना गांव के जंगल में जली वैगनआर में मिला था। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है।

चर्चित संजीव उर्फ सैंकी हत्याकांड में प्रेमिका ने बेटी बनकर संजीव की मां को इंसाफ दिलाया। इस हत्याकांड में प्रेमिका ने प्रेमी की हत्या के बाद अपने परिवार से किनारा कर लिया और दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, बेटे को छह साल बाद न्यायालय से इंसाफ मिला तो मां ब्रह्मवती फफक पड़ी। वह बोलीं, संजीव की हत्या के बाद वह उसकी प्रेमिका को बेटी बनाकर घर लाई थी। उसने भी बेटी का हक निभाया है।

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सैंकी हत्याकांड में सात साल बाद इंसाफ - फोटो : अमर उजाला
सात साल पहले हुई थी वारदात
यह वारदात पल्लवपुरम फेस-2 में पांच दिसंबर 2018 को हुई थी। मवाना थाना क्षेत्र के गांव जंधेडी निवासी संजीव उर्फ सैंकी गुर्जर अपनी प्रेमिका से मिलने पल्लवपुरम आया था। प्रेमिका के सामने ही उसके पिता गुलाब सिंह, तीन भाइयों पम्मी, जॉनी उर्फ विशाल, सन्नी और जॉनी के दोस्त राहुल ने संजीव ने मिलकर सैंकी को कार में जला दिया था। इस मामले में प्रेमिका अपने परिजनों के खिलाफ गवाही देती रही। दो बार परिवार से आमना-सामना हुआ, धमकी भी मिली। इसके बावजूद पीछे नहीं हटी। संजीव की मां के साथ इंसाफ की लड़ाई में आगे रही। 

बुधवार को कोर्ट ने हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसका पता चलते ही संजीव की मां फफक पड़ी और बोली-बेटे को इंसाफ मिल गया है। उसने इसका सारा श्रेय ब्रह्मवती ने अपने बेटे की प्रेमिका को दिया। अदालत के फैसले पर ब्रह्मवती बोलीं-वह उसे (प्रेमिका) पुत्रवधू बनना चाहती थी, सैंकी की हत्या के बाद उसने बेटी बन कर न्याय दिलाया है। न्यायालय ने सही निर्णय सुनाया है। हत्यारों ने उसके इकलौते बेटे की हत्या कर जिंदगी का सहारा छीन लिया।
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सैंकी की मां व पड़ोसी महिला - फोटो : अमर उजाला
बेटी बनाकर सैंकी की मां ने किया बेटे की प्रेमिका का कन्यादान
अपने परिजनों को छोड़कर सैंकी की हत्या के चार दिन बाद ही प्रेमिका जंधेडी में सैंकी की मां ब्रह्मवती के पास रहने लगी थी। ब्रह्मवती ने बेटे की प्रेमिका को बेटी मान लिया था। उसने डेढ साल बाद मार्च 2020 में उसकी शादी भी कर दी थी। अब वह पति के साथ गढ़ मुक्तेश्वर के पास ससुराल में रहती है और वह दो बच्चों की मां भी है।

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सैंकी की मां - फोटो : अमर उजाला
मिलती रहीं धमकियां, पीछे नहीं हटाए कदम 
शुरू से आखिर तक केस से जुड़े रहे दीपक कुमार त्यागी ने बताया कि प्रेमिका की गवाही ही सजा का आधार बनी। उसकी मां, बहन, पिता और भाइयों ने काफी डराया-धमकाया, मगर वह अपने फैसले पर अडिग रही। उसने अदालत में पिता और भाइयों के खिलाफ बयान दिए। उसके सामने ही परिजनों ने सैंकी की हत्या की थी।

हत्यारोपियों को तीन साल बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। जब दूसरी बार प्रेमिका गवाही देने कोर्ट में आई तो उसकी मां व बहन ने पक्ष में गवाही देने की धमकी दी। इस पर न्यायाधीश ने गुलाब सिंह और उसके तीनों बेटों की जमानत निरस्त कर फिर से जेल भेज दिया था। कोर्ट में प्रेमिका समेत आठ गवाह पेश किए गए। प्रेमिका ने दो बार गवाही दी।
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सैंकी का फोटो लिए मां - फोटो : अमर उजाला
मॉल में नौकरी के दौरान हुई थी मुलाकात
सैंकी की मां ब्रह्मवती जंधेडी गांव में अकेले जीवन यापन कर रही हैं। उसने बताया कि जब सैंकी छह महीने का था, तब बीमारी के चलते उसके पिता रुपचंद की मौत हो गई थी। बामुश्किल उसने बच्चों को पाला। दो बेटियों की शादी की।

इकलौता बेटा सैंकी मोदीपुरम में एक माॅल में नौकरी करता था। माॅल के पास ही प्रेमिका अस्पताल में नौकरी करती थी। यहां दोनों की मुलाकात हुई थी। दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे और शादी करना चाहते थे।

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पड़ोसी की महिला - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि 7 दिसंबर 2018 को विकास कुमार निवासी पूठी, परीक्षितगढ़ ने गंगानगर थाने पर अपने फुफेरे भाई संजीव उर्फ शैंकी निवासी जंधेड़ी, मवाना की हत्या का मामला दर्ज कराया था। बताया था कि संजीव का पल्लवपुरम निवासी गुलाब सिंह की बेटी के साथ प्रेमप्रसंग चल रहा था। इसी कारण पल्लवपुरम फेस-2 डबल स्टोरी, मोदीपुरम निवासी गुलाब सिंह, उसके बेटों पम्मी, जॉनी उर्फ विशाल, सन्नी और राहुल पुत्र ओमवीर ने संजीव को बुलाकर उसे ललसाना के जंगल में ले जाकर उसकी वैगनआर कार में जिंदा जलाकर मार दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

पुलिस ने विवेचना कर पांचों के खिलाफ एक मार्च 2019 को आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए पांचों को सजा सुनाई। 
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सैंकी की मां - फोटो : अमर उजाला
न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
कोर्ट ने हत्या की धारा 302 में उम्रकैद, 10-10 हजार रुपये अर्थदंड और साक्ष्य मिटाने की धारा 201 में तीन वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड़ की सजा  सुनाई है।

अभियोजन पक्ष और पुलिस ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की। सभी गवाहों को पेश करने के साथ ही पर्याप्त साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। इसके आधार पर ही अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई है। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी

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