कोरोना वायरस से चल रही जंग की पहली कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को कर्फ्यू की अपील पूरी तरह कारगर साबित हुई। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बस, ट्रेन, बाजार, कारखाने सब बंद रहे यहां तक कि पान और चाय के खोखे भी नहीं लगाए गए। पश्चिमी यूपी में जनता कर्फ्यू के समर्थन में धार्मिक स्थलों के भी कपाट बंद रहे। देखें तस्वीरें: -
यूपी के शामली में लोग सुबह से ही अपने घरों से बाहर नहीं निकले। सात बजते ही पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुई ड़कों पर निकली और लोगों को जनता कर्फ्यू शुरू होने के लिए अलर्ट करना शुरू कर दिया था।
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हनुमान मंदिर के कपाट बंद हैं
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान विभिन्न जिलों में मंदिरों के कपाट भी बंद रहे। शामली जिले के प्रमुख हनुमान धाम पर सुबह सात बजे ही आरती के बाद मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया था।
लोगों का कहना है कि घर में भी खुदा रहता है। घर में रहकर भी खुदा की इबादत की जा सकती है।
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सूनी पड़ी गलियां
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में धामपुर गुरुद्वारे में सिग संगत ने कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए जहां रविवार को सात बजे से पहले ही अरदास की तो वहीं मस्जिदों से माइक के जरिए जनता कर्फ्यू का समर्थन करने का एलान किया गया जा रहा है। बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद हैं। पुलिस प्रशासन की लोगों पर पैनी नजर है।
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शामली में सूना पड़ा शिव चौक
- फोटो : अमर उजाला
शहर का मुख्य शिव चौक भी सूना पड़ा है। जिले के कुछ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कांधला और जलालाबाद क्षेत्र में कुछ जगह मुस्लिम आबादी के अंदर चहल-पहल नजर आई लोग घरों के बाहर भी नजर आए और गली मोहल्लों में दुकानें भी खुली हुई थीं।
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मेरठ का औघड़नाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के औघड़नाथ मंदिर में जहां हर रोज भारी भीड़ रहती है यहां भी कपाट बंद रहे। शहर के अन्य मंदिरों के भी कपाट बंद कर दिए गए।
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हनुमान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के बुढ़ाना गेट पर भी हनुमान मंदिर में आरती के बाद कपाट बंद कर दिए गए। शहर के मुख्य चौराहों, बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ है। जगह जगह पुलिस तैनात है।
मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर भी सन्नाटा छाया हुआ है। हालांकि अधिकांश स्थानों पर और मुख्य बाजारों में मुस्लिम समाज के लोगों ने भी दुकानें बंद रखी और जनता कर्फ्यू में सहयोग दिया।