communal tension in bulandshahr
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डीजीपी ओपी सिंह ने एडीजी मेरठ जोन, आईजी रेंज, बुलंदशहर एसएसपी और बुलंदशहर के आसपास के जिले मेरठ, हापुड़ और गाजियाबाद के कप्तानों से फोन पर बातचीत की। उनको तुरंत बॉर्डर पर तैनात होने को कहा। बोले, इज्तिमा में शामिल लोगों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाओ। भीड़ के मूवमेंट पर नजर रखो। बैरियर लगाओ या फोर्स, दोनों पक्ष आमने सामने नहीं आने चाहिए। इसके बाद मेरठ जोन की पुलिस एक्टिव हो गई। एडीजी ने बताया कि इंस्पेक्टर की मौत से पुलिस विभाग को सदमा लगा है, लेकिन पुलिस ने लाखों लोगों की जान बचाई है। बवाल को नियंत्रित किया और स्थिति सामान्य की। पुलिस दावा करती कि अगर बवाल बढ़ जाता तो यह मेरठ के हाशिमपुरा और मलियाना से भी बड़ा हो जाता। समय रहते इस पर काबू किया गया।