देश की रक्षा के दौरान गलवां घाटी में प्राण न्योछावर करने वाले हवलदार बिपुल रॉय का मेरठ की क्रांतिकारी धरती से नाता जुड़ गया है। उनका परिवार मेरठ में ही कंकरखेड़ा की कुंदन कुंज कॉलोनी में रहता था। परिवार में पत्नी रुम्पा रॉय और पांच साल की बेटी तमन्ना हैं। भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ रहा था तो यहां रुम्पा रॉय का दिल धड़क रहा था। वे पति की सलामती की प्रार्थना करती रहीं। बुधवार सुबह पति की शहादत का पता चलने पर वे बेसुध हो गईं। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। कुंदन कुंज कॉलोनी के साथ ही शहर के लोगों ने ‘बिपुल रॉय अमर रहें’, ‘जब तक सूरज चांद रहेगा बिपुल रॉय तुम्हारा नाम रहेगा’ के नारे लगाए।