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हाई प्रोफाइल केस: डीन के घर में दो साल किराये पर रहा था अनिल, पुलिस ने खंगाली कुंडली तो हुए बड़े खुलासे

Wed, 23 Mar 2022 04:39 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मोदीपुरम कृषि विश्वविद्यालय के डीन डॉ. राजवीर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में एक के बाद एक परतें पुलिस की जांच में खुल रही हैं।
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प्रोफेसर अरती भटेले। - फोटो : amar ujala
कृषि विवि वेटरनरी डीन डॉ. राजबीर सिंह पर जानलेवा हमले के बाद पुलिस ने सबसे पहले कृषि विश्वविद्यालय का रिकॉर्ड खंगाला। पुलिस ने 91 सीआरपीसी को नोटिस दिया, जिसके जवाब में प्रोफेसर आरती भटेले से जुड़े विवादों की जानकारी विवि प्रशासन ने पुलिस को दी। पुलिस ने आरती भटेले और अनिल बालियान की कुंडली देखी तो हमले की प्लानिंग का पता चल गया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में मुनेंद्र बाना दिखाई दिया। जिसके बाद शूटरों की जानकारी पुलिस को हुई है।

महिला प्रोफेसर आरती भटेले के साथ-साथ पीड़ित डीन डॉ राजवीर सिंह के भी आरोपी अनिल बालियान करीब था। अनिल करीब दो साल डीन के मकान में किराए पर रहा है। उसे डीन के आने-जाने की पूरी जानकारी थी। डीन ने ही अनिल व आरती के संबंध के बारे में उसकी पत्नी व बच्चों को बताया था। तभी से वह डीन से रंजिश रखता था।
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मेरठ में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा। - फोटो : amar ujala
मोदीपुरम कृषि विश्वविद्यालय के डीन डॉ. राजवीर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में एक के बाद एक परतें पुलिस की जांच में खुल रही हैं। आरती भटेले विवि में वेटरनरी की डीन बनना चाहती थी व बिल्डर अनिल बालियान अपनी बेटी आकांक्षा को विवि में नौकरी लगवाना चाहता था। जिसके चलते दोनों ने पांच लाख की सुपारी कुख्यात उधमसिंह के शूटर आशु चड्ढा और नदीम को देकर 11 मार्च को हमला कराया था।

अनिल सन 2014 में डीन डॉ राजवीर सिंह के घर डिफेंस एन्क्लेव में परिवार के साथ ही किराए पर रहता था। जिसके चलते अनिल के राजवीर से भी अच्छे संबंध बन गए थे। अनिल ने उधम के शूटरों को विश्वविद्यालय से लेकर डिफेंस एंक्लेव का पूरा रास्ता बताया। किसी को उस पर बिल्डर पर शक न हो, इसलिए उसने अपने दोस्त प्रधानपति मुनेन्द्र बाना को साथ में रखा था। 
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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
11 मार्च शाम 5:30 बजे डीन पर हमला हुआ था। घटनास्थल पर एसएसपी व एसपी सिटी समेत पुलिस मौके पर पहुंचा था। हमले के तार विश्वविद्यालय से जुड़े है, इसका शक पुलिस को प्राथमिक जांच में हो गया था। मामला डीन का है, इसको देखते पुलिस ने विवि प्रशासन को 91 सीआरपीसी का नोटिस दिया था। जिससे विवि प्रशासन में खलबली मच गई।

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तीन आरोपी गिरफ्तार और प्रोफेसर आरती भटेले का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
डीन की विवाद महिला प्रोफेसर आरती भटेले से चल रहा था। जिसको लेकर विवि में खूब पत्राचार हुआ था। विवि प्रशासन ने 100 पन्नों की फाइल पुलिस को दी, जिसमें डीन और प्रोफेसर के बीच तनातनी की जानकारी पुलिस को पता चला। बताया गया कि आरती के संबंध बिल्डर अनिल बालियान से हैं। यह इनपुट भी विवि से पुलिस को मिला था। 
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डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह व जानलेवा हमले के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
100 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन कर पुलिस ने आरती और अनिल बालियान पर कसा शिकंजा 
प्रोफेसर को लेकर विवि में अलग-अलग चर्चा थी। पुलिस ने आरती व अनिल की कुंडली खंगाल ली, जिसके बाद डीन पर हमले की साजिश का शक और गहराया। इसके बावजूद पुलिस ने दोनों से कोई पूछताछ नहीं की। इसके बाद पुलिस भाड़े के शूटरों का पता लगाने के लग गई।
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murder in meerut - फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान सीसीटीवी कैमरे की एक फुटेज मिली। जिसमें मुनेंद्र बाना बाइक सवार दो बदमाशों को काला बैग देते दिखाई दिया। मुनेंद्र की अनिल से दोस्ती थी, इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को थी। यह बात पुलिस तक पहुंची तो हमले की पूरी पटकथा पुलिस की समझ में आ गई। पुलिस ने अनिल व मुनेंद्र को हिरासत में लिया तो पूछताछ में शूटरों के नाम पता चल गए। मुनेंद्र की निशानदेही पर शूटर आशु को गिरफ्तार कर लिया।
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