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Exclusive: मेहमान परिंदों से गुलजार हुआ हस्तिनापुर वन्य जीव विहार, पहुंचे 20 प्रजातियों के पक्षी

Tue, 12 Nov 2019 01:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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हस्तिनापुर वन्य जीव विहार - फोटो : अमर उजाला
ठंड के दस्तक देते ही हस्तिनापुर वन्य जीव विहार (सेंक्चुरी) विदेशी पक्षियों से गुलजार होने लगा है। यहां का अनुकूल मौसम और प्राकृतिक वातावरण 25 से 30 हजार किलोमीटर दूर से इन पक्षियों को आने के लिए मजबूर कर देता है। हिमालय पर्वत श्रृंखला भी इनको आने से नहीं रोक पाती। नवंबर के बाद रूस और चीन में अधिक ठंड हो जाने से ये पक्षी कुछ महीने प्रवास के लिए भारत आते हैं। इनके आने से सेंक्चुरी का प्राकृतिक सौंदर्य और भी अनुपम हो गया है। 
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हस्तिनापुर सेंचुरी - फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर सेंक्चुरी की झीलों में इन पक्षियों को आसानी से देखा जा सकता है। सुबह आठ बजते ही सेंक्चुरी विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंज उठती है। हजारों मील दूर से आने वाले मेहमान परिंदे इस दलदली क्षेत्र को खासा पसंद करते हैं। यहां के अनुकूल मौसम में वे प्रजनन करते हैं। चार माह प्रवास के बाद ये पक्षी अपने बच्चों के साथ वतन वापसी करते हैं।
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हस्तिनापुर सेंचुरी में पहुंचे विदेशी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
करीब 2073 वर्ग किमी क्षेत्रफल में बसे हस्तिनापुर वन्य जीव विहार में करीब 10 स्थान ऐसे हैं, जहां एशिया एवं यूरोप के साथ अमेरिका महाद्वीप के भी पक्षी पहुंचते हैं। वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले साल यहां कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पक्षियों की गणना की। करीब 50 प्रजातियों के पक्षियों की उपलब्धता पाई गई थी। 

 

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हस्तिनापुर सेंचुरी में पहुंचे विदेशी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
सेंक्चुरी में कई प्रकार के भोजन
विदेशी पर्यटक पक्षियों को पसंद आने वाले कई प्रकार के भोजन उन्हें हस्तिनापुर सेंचुरी में मिल जाते हैं। झील में दर्जनभर किस्म की घासों की उपलब्धता है। इनमें तमाम कीड़े पनपते हैं। मेहमान पक्षियों के लिए इतने प्रकार के व्यंजन देश के अन्य किसी दलदली जगहों में उपलब्ध नहीं हैं।
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हस्तिनापुर सेंचुरी में पहुंचे विदेशी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
पसंद है गंगा का शांत किनारा
यहां साइबेरिया समेत कई महाद्वीपों से मेहमान परिंदे आ रहे हैं। वन्य जीव विहार मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर सहित पांच जिलों की सीमाओं में है। हस्तिनापुर क्षेत्र में कई दलदली झीलों में मेहमान परिंदों की आमद होती है। ये गंगा किनारे शांत माहौल में ज्यादा देखे जाते हैं। यहां पर विदेशी पक्षी अंडे भी देते हैं और बच्चों का पालन पोषण करते हैं। 
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हस्तिनापुर सेंचुरी में पहुंचे विदेशी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
करीब 20 प्रजातियों के पक्षी पहुंचे
पाइड एवोसेट, काटन टील, गेडवेल, मलार्ड, नोर्दन स्वालर, नोर्दन पिंटेल, गार्गेनी, कामन पोचार्ड, टपटेड पोचार्ड समेत करीब 20 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हस्तिनापुर वन्य जीव विहार पहुंच चुके हैं। दिसंबर के अंत तक स्पून बिल, सारस क्रेन, इंडियन स्कीमर, ब्लेक नेक्ड स्ट्रोक, यूरोशियन कर्लीव, सुर्खाब सहित करीब 50 प्रजातियों के पक्षी भी यहां आ जाएंगे। 
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हस्तिनापुर सेंचुरी में पहुंचे विदेशी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
आकार में छोटेे और बड़े फुर्तीले
भीमकुंड झील में काले रंग के मेहमान परिंदों का आकार तो छोटा हैं, लेकिन ये बहुत फुर्तीले हैं। जरा सी आहट पर हालात को भांप लेते हैं। पानी में परों से बुलबुला छोड़ते हुए तेज दौड़ लगाते हैं और समूह में तेज उड़ान भी भरते हैं। यह दृश्य रोमांच पैदा कर देता है।
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हस्तिनापुर सेंचुरी में पहुंचे विदेशी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
देखभाल के लिए टीम बनेगी
हस्तिनापुर सेंक्चुरी में विदेशी पक्षियों की देखरेख के लिए वन विभाग की ओर से एक टीम गठित की जाती है, जो शिकारियों से इन्हें बचाने के साथ इनकी देखभाल भी करती है। समय-समय पर इनकी गणना भी कराई जाती है। -विनोद कुमार, डिप्टी रेंजर 
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