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भारत-पाकिस्तान तनाव से दोनों देशों की रिश्तेदारियों में आईं दूरियां, ये है पिछले दस साल की रिपोर्ट

Tue, 12 Nov 2019 02:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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भारत-पाकिस्तान सीमा - फोटो : अमर उजाला
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते दोनों देशों में रहने वाले रिश्तेदारों के बीच भी दूरियां बढ़ गई हैं। बीते 10 सालों में अपने रिश्तेदारों से मिलने मेरठ आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या में तेजी से कमी आई है।

बीते सालों की तुलना में वर्ष 2019 में यह कमी 40 फीसदी तक पहुंच गई है। इस समय शहर में सिर्फ एक पाकिस्तानी महिला ही प्रवास पर है। जिस पर खुफिया विभाग की पैनी नजर है।
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वाघा-अटारी बॉर्डर - फोटो : सोशल मीडिया
एक अधिकारी के अनुसार, 2009-10 में पाकिस्तान से मेरठ आने वाले नागरिकों की संख्या 48 से 50 के बीच थी। 2011-12 में यह संख्या घटकर 45 रह गई।

2015-16 में संख्या फिर से 48 पहुंची, लेकिन 2017 के बाद लगातार कमी आई। 2018 में सिर्फ 19 पाक नागरिक ही मेरठ आए। इस साल यह संख्या 13 पर ठहर गई है। इनमें से एक महिला को छोड़कर सभी लौट चुके हैं। इस महिला की लिसाड़ीगेट में रिश्तेदारी है।
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अट्टरी-वाघा बॉर्डर - फोटो : एएनआई
अधिकतम 90 दिन का वीजा
पाकिस्तान से आने वाले लोगों को अधिकतम 90 दिन का वीजा मिलता है। इसके बाद उन्हें अपने मुुुल्क लौटना पड़ता है। पूर्व में पश्चिमी यूपी में आए पाकिस्तान नागरिक गायब भी हुए है।

18 अगस्त 2018 को यूपी पुलिस ने पाकिस्तान के दो मूल नागरिकों को इंदौर से गिरफ्तार किया था। दोनों युवक कई साल से मोदीपुरम में रह रहे थे। दोनों पर वीजा नियमों के उल्लंघन में केस भी दर्ज किया गया था।

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पश्चिमी यूपी में कई संदिग्ध अब तक पकड़े जा चुके हैं
खुफिया विभाग रखता है नजर
पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों का जिस जिले में आना होता है, वहां पाक सेक्शन में पंजीकरण होता है। इसके बाद खुफिया विभाग की टीम उन पर पैनी नजर रखती है।

पश्चिमी यूपी में मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली ऐसे जिले हैं, जहां सबसे अधिक महिलाएं और पुरुष पाकिस्तान से आते हैं।
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भारतीय कार्रवाई की पाकिस्तानी सेना द्वारा जारी तस्वीर - फोटो : Twitter
एयर स्ट्राइक के बार्द आई कमी
26 फरवरी को हुई एयर स्ट्राइक के तीन माह बाद तक मेरठ में किसी भी पाकिस्तानी नागरिक का पंजीकरण नहीं हुआ।

खुफिया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों की संख्या में मेरठ और अन्य जिलों में कमी आई है।
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आरोपी नईम - फोटो : अमर उजाला
पकड़े जा चुके कई संदिग्ध
तीन जनवरी 2019 को मेरठ निवासी नईम को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया था। उस पर आईएसआई से जुड़े होने का शक था।

27 नवंबर 2015 को एसटीएफ मेरठ यूनिट ने पाकिस्तान निवासी एजाज को गिरफ्तार किया था। उससे लैपटॉप, सेना क्षेत्र का नक्शा व अन्य संदिग्ध चीजें बरामद हुई थीं। इससे पहले आसिफ को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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