फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाशिमपुरा नरसंहार: कब- कब क्या हुआ, 9 क्लिक में पढ़ें हर अपडेट

Wed, 31 Oct 2018 08:08 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 9
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के हाशिमपुरा कांड में दो मई 1987 को 42 युवकों की हत्या के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 16 पीएसी जवानों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

1986 - राजीव गांधी सरकार ने फरवरी में अयोध्या में विवादित ढांचे का ताला खोलने का फैसला लिया। इसके बाद यूपी के कई शहरों में दंगे भड़के। अप्रैल 1987- यह आग मेरठ तक पहुंची।
विज्ञापन

2 of 9
मेरठ न्यूज
21 मई 1987- एक युवक की हत्या के बाद माहौल गरमा गया। शहर के कई इलाकों समेत हाशिमपुरा भी दंगे की चपेट में आ गया। दुकानों में आग लगा दी गई। पीएसी के जवान 50 लोगों को ले गए।
विज्ञापन

3 of 9
मेरठ न्यूज
22 मई 1987- पीएसी के जवानों पर दूसरे समुदाय के 42 लोगों को मारने का आरोप लगा। शवों को नहर में बहा दिया गया। इसमें 5 लोग बच गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी।

4 of 9
मेरठ न्यूज
1994- सीबीसीआईडी ने सात साल बाद अपनी रिपोर्ट दी।
विज्ञापन

5 of 9
मेरठ न्यूज
फरवरी 1995- गाजियाबाद में सीजेएम की अदालत में पीएसी के 19 अफसरों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल। 161 लोग गवाह बनाए गए।
विज्ञापन

6 of 9
मेरठ न्यूज
1997-2000- कोर्ट ने अभियुक्तों के खिलाफ 6 जमानती और 17 गैर जमानती वारंट जारी किए। विचारण के दौरान तीन आरोपियों की मौत हो गई।
विज्ञापन

7 of 9
मेरठ न्यूज
2002- दंगा पीड़ितों की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस गाजियाबाद से दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।

8 of 9
मेरठ न्यूज
21 मार्च 2015- आरोपियों के खिलाफ  सुबूत नहीं मिलने के कारण कोर्ट ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का फैसला किया।
विज्ञापन

9 of 9
मेरठ न्यूज
31 अक्तूबर 2018 - दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए पीएसी के 16 सिपाहियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें