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हाशिमपरा कांड में मारे गए नईम और कमरुद्दीन की शादी दो महीना पहले ही हुई थी। जब दोनों की मौत हो गई, तो उनकी पत्नी अपने मायके चली गईं। परिजनों ने उनका दूसरा निकाह करा दिया।आज भी इन परिवारों को कमरुद्दीन और नईम की मौत का सदमा है।
लोग कहते हैं कि पुलिस ने जो बर्बरता की, उसका दर्द भूलता नहीं है। वहीं, जरीना के पति जहीर अहमद (45) और बेटे जावेद (18) को भी मार दिया गया था। जरीना आज भी सदमे में रहती है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवारों की याचिका पर सुनवाई के बाद मामला सितंबर 2002 में दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था। जिला अदालत ने जुलाई 2006 में इस मामले में हत्या, हत्या का प्रयास, साक्ष्यों से छेड़छाड़ व आपराधिक साजिश की धाराओं में आरोप तय किए थे। मामले में 264 गवाह थे।