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Happy Women's Day : बड़ा लक्ष्य बनाएं, मेहनत करें, सफलता चूमेगी कदम, अमर उजाला संवाद में महिलाओं ने रखे विचार

Tue, 08 Mar 2022 12:01 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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अमर उजाला संवाद - Meerut - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद को साबित किया है। महिला जो ठान लेती है उसे पूरा करके ही दम लेती है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मोहकमपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में ‘महिला सशक्तीकरण और विकास में महिलाओं के योगदान’ विषय पर संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईएएस अधिकारी, प्रधानाचार्य, खिलाड़ी, उद्यमी, शिक्षक, कवि, लेखक, मॉडल सभी ने अपने संघर्ष एक-दूसरे से साझा किए।
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अपर आयुक्त आईएएस मेधा रूपम, कनोहर लाल डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका चौधरी - फोटो : अमर उजाला
जिंदगी का दूसरा नाम है संघर्ष : मेधा रूपम
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अपर आयुक्त आईएएस मेधा रूपम ने कहा कि जीवन में लक्ष्य बनाकर हर कार्य किया। माता पिता दोनों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। किताबें हमें बहुत कुछ सिखाती हैं। मेहनत से हम  कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं। मन भाव अच्छे होने आवश्यक हैं, तभी भविष्य उज्ज्वल होता है। अगर निर्णय ले लिया तो उसे अवश्य पूरा करो। आज हमें स्वयं को सफलता के लिए बधाई देनी चाहिए। सफलता प्राप्त कर खुद को रोल मॉडल बनाओ। हमें कुरीतियों को छोड़ना होगा। वह महिला ही है जो दो परिवारों को जोड़ने का काम करती है। हर दिन हमें कुछ नया सिखाता है।

हर काम के लिए निश्चित करें समय : अलका चौधरी
कनोहर लाल डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका चौधरी ने कहा कि मैंने 30 किताबें और 13 रिसर्च पेपर लिखे हैं। जीवन में समय का प्रबंधन करना बहुत आवश्यक है। मेरठ कॉलेज में चीफ प्रॉक्टर के पद पर रहकर बहुत कुछ सीखने मिला। महिलाओं को जमीन से जुड़कर कार्य करना होता है। सच्चाई के मार्ग पर चलने वालों को भगवान आत्म विश्वास प्रदान करता है। नई पीढ़ी को महिलाएं ही नैतिक मूल्य दे सकती हैं। युवा पीढ़ी में सच्चाई, ईमानदारी, प्रेम, दयालुता, मैत्री की बहुत अधिक आवश्यकता है। 
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मॉडल सिम्मी, सोनी - फोटो : अमर उजाला
परिवार का भी मिलता है सपोर्ट
स्कूलिंग के साथ मॉडलिंग वर्ष 2013 से आरंभ की। 2020-21 में सुपर मॉडल हंट में खिताब मिला। पहले नहीं पता था कि क्या करना है अब मॉडलिंग को लक्ष्य बनाकर कार्य कर रही हूं। -सोनी, मॉडल

विवाह के 17 साल बाद मॉडलिंग
पति और ससुराल पक्ष के लोग सपनों को साकार करने में मददगार बने। विवाह के 17 वर्ष बाद मॉडलिंग शुरू की है। घंटों शीशे के सामने खड़े होकर अपने अंदर आत्मविश्वास जगाया। मिसेज सुपर मॉडल का खिताब भी जीता। -सिम्मी, मॉडल

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रचना सिंह वानिया, स्वाति शर्मा - फोटो : अमर उजाला
हर क्षेत्र में महिलाओं का वर्चस्व
महिलाओं का आने वाले समय में हर क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित होगा। मेरी सास मेरी प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्हीं के दिए आत्मविश्वास के सहारे आज में कई पुस्तक लिख चुकी हूं। बच्चों को हिंदी और संस्कृत पढ़ाती हूं। महिलाओं को अपनी शक्ति को नहीं भूलना चाहिए। -स्वाति शर्मा, शिक्षिका एवं लेखक

जीवन में कभी हार न मानें 
युवतियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करती हूं। साक्षरता का महत्व लोगों को समझाने के लिए कई कविताएं लिखी हैं। इसके साथ महिला सशक्तीकरण के लिए सामाजिक क्षेत्र भी कार्य कर रही हूं।  -रचना सिंह वानिया, कवयित्री एवं शिक्षिका  
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डॉ. कुमकुम, असिस्टेंट प्रोफेसर, मोनिका जिंदल - फोटो : अमर उजाला
खुद को मजबूत बनाएं महिलाएं
स्वयं मजबूत बनाकर हम मुश्किल परिस्थितियों का डट कर मुकाबला कर सकते हैं। हमारी हर समस्या का समाधान माता-पिता नहीं करेंगे। महिला अगर ठान ले तो असंभव को भी संभव कर सकती है। समाज को एकजुट करने की की जिम्मेदारी भी नारी शक्ति की है।  -मोनिका जिंदल, महिला थाना प्रभारी  

गांव-गांव में लाइब्रेरी खुलवाई
बच्चों के अंदर नैतिक मूल्य होंगे तो समाज निर्माण होगा। ऐसे परिवार में विवाह किया जो दहेज प्रथा के पूरी तरह खिलाफ है। गांव-गांव में लाइब्रेरी खुलवाई और लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। लड़कियों को शिक्षित होना चाहिए, तभी वह समाज में मुकाम हासिल कर सकती हैं। -डॉ. कुमकुम, असिस्टेंट प्रोफेसर, शहीद मंगल पांडेय कॉलेज
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सरिता अग्रवाल, डॉ. गौरी, असिस्टेंट प्रोफेसर - फोटो : अमर उजाला
महिलाएं समाज की धुरी
महिला एक स्वस्थ समाज की धुरी होती है। परंपराओं के नाम पर महिलाओं को दबाने का प्रयास किया जाता रहा है। अब समय बदल रहा है।  -सरिता अग्रवाल, सेक्रेटरी, वेस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कामर्स

हर दिन कुछ नया सीखें
जीवन में उन्नति पाने की हर दिन कुछ नया सीखती हूं। लेखन, कविता पाठ, शिक्षण तीनों कार्यों के साथ घर की जिम्मेदारी भी निभाती हूं। पुरुषों की मानसिकता हम ही बदल सकते हैं। -डॉ. गौरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, शहीद मंगल पांडेय कॉलेज
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डॉ. शिमोना जैन, पूनम राणा - फोटो : अमर उजाला
मां ने दिए संस्कार
आज मां के दिए संस्कार और ज्ञान  के कारण ही शहर के प्रसिद्ध विद्यालय में प्रधानाचार्य हूं। मां भी प्रधानाचार्य थीं, उन्होंने मेरी तैयारी कराई।  -डॉ. शिमोना जैन, प्रधानाचार्य, 
सेंट जांस सीनियर सेकेंडरी स्कूल

महिलाओं के युग की शुरुआत

अब महिलाएं पुरुष से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। दर्जनों  किताबें लिखी हैं। पाठक अब कहानी और कविता संग्रह को पसंद करते हैं। गृहणी होते हुए 10 वर्ष पूर्व लेखन कार्य आरंभ किया। बेटी भी बैंक में जॉब करती है। -पूनम राणा, लेखिका
 

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नीशु, प्रफुल्ल त्यागी - फोटो : अमर उजाला
देश का नाम करूंगी रोशन
विश्वभर में देश का नाम रोशन करने के लिए तैयारी कर रही हूं। लक्ष्य तय है कि दौड़ में गोल्ड लाना है। कई प्रतियोगिता में पुरस्कार जीते हैं। -नीशु, एथलीट 

िखलाड़ी का जीवन एक संघर्ष
आज जो मुकाम हासिल किया है, उसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। संघर्ष के दौर में कोई साथ नहीं देता सिर्फ परिवार ही सहारा बनता है। मुश्किल समय खोए हुए विश्वास को दोबारा हासिल किया। राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है। पैरा वेटलिफ्टिंग कर रही हूं।   -प्रफुल्ल त्यागी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

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स्नेहा शर्मा, निधि गोयल - फोटो : अमर उजाला
ऊंचाइयों पर पहुंचाया स्टार्टअप
कोविड के समय घर में हैंड मेड हर्बल प्रोडक्ट तैयार करना आरंभ किया। रिश्तेदारों के साथ पड़ोसियों को भी प्रोडक्ट पसंद आए। अब अन्य महिला संगठनों के साथ मिलकर शहर में सप्लाई की जा रही है। - निधि गोयल, उद्यमी

प्रतिभा को स्वयं जगाना होगा
अपने अंदर छिपी शूटिंग की प्रतिभा का आभास मेले में गुब्बारे फोड़कर हुआ। अब इंडियन टीम में शामिल होने के लिए तैयारी कर रही हूं। माता-पिता के सहयोग से सफलता का मार्ग दिख रहा है।   -स्नेहा शर्मा, नेशनल शूटर

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मधु शर्मा, तनु शर्मा - फोटो : अमर उजाला
यूट्यूब चैनल बनाकर हासिल की प्रसिद्धि
लाइफ स्टाइल और फैशन थीम पर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लाखों फोलोवर्स हैं। सोशल साइट्स पर 14 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। मल्टी नेशनल कंपनियों के भी संपर्क में रहते हैं। -तनु शर्मा, यूट्यूबर

एक क्लिक पर विश्वभर  की जानकारी
आज सोशल साइट्स के माध्यम से लोगों अपनी जरूरत से जुड़ी हर घटना की जानकारी मिल जाती है। हमारी पोस्ट और वीडियो लाखों लोग पसंद करते हैं। -मधु शर्मा, यूट्यूबर
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उदिता शर्मा, हिमानी (दाएं) - फोटो : अमर उजाला
परंपरा ही हमारी शान
कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर चिकित्सक बनी। आज भी अपनी परंपराओं को नहीं भूली हूं। हमारे सिद्धांत ही आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। मां अगर शिक्षित हो तो पूरा वंश शिक्षित हो जाता है। -डॉ. मनीषा त्यागी, चिकित्सक, पूर्व सचिव आईएमए

तनाव मुक्त होकर करें कार्य

महिलाओं को अपनी शक्ति को समझना होगा। किसी भी कार्य को करते समय तनाव नहीं होना चाहिए। जीवन में कठिनाई आती हैं, लेकिन उनका समाधान भी होता है।  -उदिता शर्मा, कवयित्री एवं अधिवक्ता

सिविल सर्विस की कर रही तैयारी 
रेडियो जॉकी के रूप में कार्य कर रही हूं। इसके लिए कोई पढ़ाई नहीं की है। आत्मविश्वास के बल पर सलेक्शन हुआ। सिविल सर्विस की तैयारी में लगी हूं।  -हिमानी, रेडियो जॉकी
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