परिजनों ने बताया कि गौरी को कुत्तों से बहुत लगाव था। उसने घर पर दस कुत्ते पाल रखे थे। ये सभी स्ट्रीट डॉग थे। वह रोजाना सुबह उठते ही उनको खाना खिलाती थी। दोपहर को शाम को उनको समय से खाना देती थी।
शुक्रवार सुबह पौने बजे के करीब गौरी घर के पास की दुकान से कुत्तों के लिए अंडे लेकर आई। कुत्तों को खाना खिलाने के बाद कुछ देर वो उनके साथ खेली भी, इसके बाद वह घर से निकल गई। किसी भी व्यक्ति ने उसको टंकी पर चढ़ते नहीं देखा, गिरने पर आवाज हुई तो घटना की जानकारी गई।