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Meerut pollution: वायु गुणवत्ता आयोग ने बंद कराए 42 उद्योग, धुएं, पराली और कूड़ा जलने से बढ़ रहा प्रदूषण

Sat, 05 Nov 2022 12:56 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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आतिशबाजी करते लोग - फोटो : amar ujala
मेरठ में बढ़ते प्रदूषण को लेकर काफी परेशानी हो रही है। प्रदूषण केंद्र की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदूषण स्तर कम होने का नाम नही ले रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, बच्चे-बूढ़े व अन्य लोगों को काफी परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश के बाद शहर में 42 उद्यमियों ने जेनरेटर पर आधारित अपने उद्योग बंद कर दिए हैं। इससे उद्यमियों को प्रतिदिन 1.5 करोड़ का नुकसान हुआ है। 

आयोग ने परतापुर में दो उद्योगों को प्रदूषण के मामले में नोटिस दिए हैं। औद्योगिक एसोसिएशन के मुताबिक इसके बाद परतापुर में 22 और उद्योगपुरम में 20 उद्योग बंद कर दिए गए हैं। आईआईए, परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और लघु उद्योग भारती ने उद्यमियों की समस्याएं बताते हुए जिला प्रशासन, प्रदेश और केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा है।

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उद्यमियों का कहना है कि शहर में प्रदूषण इंडस्ट्री से नहीं, बल्कि पुराने डीजल वाहनों, पराली व कूड़ा जलाने और बड़े निर्माण कार्यों की वजह से बढ़ रहा है। नगर निगम और छावनी क्षेत्र में हर चौराहा पर कूड़ा जलाया जाता है। सरकारी वाहन सर्वाधिक प्रदूषण फैला रहे हैं। इसके बाद भी सिर्फ शासन और प्रशासन उद्योगों पर बाध्यता लगा रहा है।
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मेरठ में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
उद्योगों पर प्रतिबंध अनुचित
टायर या अन्य प्रदूषण फैलाने वाले उद्यमों पर प्रतिबंध लगाना उचित है लेकिन जो उद्योग सभी मानक पूरे कर रहे हैं उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए। - कमल ठाकुर, अध्यक्ष, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एस्टेट।
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शादी में नियमों का पालन ना करते लोग - फोटो : amar ujala
कारोबार को खत्म करने की तैयारी
उद्योगों को खत्म करने के लिए बार-बार आदेश दिए जा रहे हैं। प्रदूषण के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सिर्फ उद्योग पर पाबंदी लगाई जा रही है।- राजकुमार शर्मा, संभाग महासचिव, लघु उद्योग भारती।

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वायु प्रदूषण - फोटो : amar ujala
गली-गली में जल रहा कूड़ा 
उद्योग के पास खेतों में पराली जलाई जा रही है। निगम क्षेत्र में कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है। जेनरेटर को एक घंटे चलाने की अनुमति दी गई अब उस पर भी रोक लगा दी गई। जेनरेटर में इंजन होता है वही इंजन वाहनों में भी होता है। - सुमनेश अग्रवाल, चेयरमैन, आईआईए।
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मेरठ में कूड़ा जलता हुआ - फोटो : अमर उजाला
लगातार बंद हो रहे उद्योग
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के पहले आदेश के बाद बड़ी संख्या में उद्योग दिल्ली एनसीआर से बाहर शिफ्ट हो गए हैं। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)के आदेश के बाद 40 से अधिक उद्यमियों ने निर्माण कार्य बंद कर दिया है। उद्योगों को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। - निपुन जैन, अध्यक्ष, परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन
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शादीयों में होती आतिशबाजी - फोटो : amar ujala
सुबह-शाम छाया रहा स्मॉग, 295 पहुंचा एक्यूआई 
दिनभर स्मॉग की चादर से घिरा रहा आसमान, बेअसर रही धूप। जिले में औसत एक्यूआई शुक्रवार को 24 घंटे पहले के 349 के मुकाबले घटकर 295 पर आ गया, लेकिन इसके बावजूद सांसों पर संकट बरकरार रहा। सुबह और शाम आसमान में स्मॉग छाया रहा।
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पेड़ों पर जमी धूल - फोटो : अमर उजाला
सीजन में पहली बार शुक्रवार को दिन का तापमान 27.8 डिग्री के पास पहुंचा। वहीं, रात का तापमान 15.1 डिग्री के पास बना हुआ है। ठंड बढ़ने से बुखार, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एन. सुभाष ने बताया कि शुक्रवार को दिनभर स्मॉग का असर रहा। शनिवार को भी स्मॉग की चादर छाई हुई है।

कुछ खास इलाकों में एक्यूआई 
जयभीमनगर    289
गंगानगर          299
पल्लवपुरम       280
दिल्ली रोड       292
बेगमपुल          298
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