बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र के तिलवाड़ा मार्ग की चकरोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज वारदात से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने छपरौली इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। संजय खोखर के बेटे ने चार नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।
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भाजपा नेता संजय खोखर
- फोटो : अमर उजाला
जांच में जानकारी मिली है कि संजय खोखर की हत्या की बड़ी वजह पुलिस की अदूरदर्शिता भी रही। पिछले एक साल से खोखर सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। कुख्यात परमवीर तुगाना और देशपाल बदरखा की हत्या के बाद थाने से लेकर लखनऊ के अधिकारियों तक सुरक्षा मांगी गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बागपत विधायक योगेश धामा ने बताया कि प्रमुख सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन सुरक्षा नहीं दी गई। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले संजय खोखर को भाजपा जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उनका गनर भी हटा लिया गया।
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मौके पर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि गनर दोबारा दिए जाने की मांग को लेकर वह एसपी बागपत से मिले थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद लखनऊ भी पहुंचे। कूड़ी गांव में कुख्यात परमवीर तुगाना और बदरखा में रालोद नेता देशपाल खोखर की हत्या के बाद संजय खोखर ने फिर से अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग रखी थी।
इंस्पेक्टर छपरौली को भी इस बाबत जानकारी दी गई थी। उनके बेटे मनीष खोखर और अक्षय खोखर का कहना है कि रंजिश के चलते उन्हें खतरा बना हुआ था। पुलिस से बार-बार सुरक्षा की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।