भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या से पहले हमलावरों ने रैकी की थी। हेवा-तिलवाड़ा मार्ग पर किसानों की आवाजाही रहती है। यही वजह रही कि हमलावरों ने वारदात के लिए सुनसान चकरोड का चयन किया। हमलावर खेतों के रास्ते ही ईख में छिपकर बैठ गए थे।
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मौके पर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से ही संजय खोखर अधिकतर समय घर में रह रहे थे। उनके नजदीकी और आसपास के लोग जानते थे कि वह रोज सुबह तिलवाड़ा मार्ग होते हुए अपनी ट्यूबवेल तक मॉर्निंग वॉक करने जाते थे। हमलावरों ने उनकी रैकी की। छपरौली-तिलवाड़ा-हेवा मार्ग पर लोगों की आवाजाही रहती है।
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मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
किसान भी सुबह के समय अधिक संख्या में आवागमन करते हैं। मुर्गी फार्म भी खुल जाने के कारण हमलावरों ने वारदात के लिए मार्ग से लिंक चकरोड का चयन किया। यह भी संभव है कि घर से निकलते ही बदमाश उनके पीछे लग गए हों।
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मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जिस जगह वारदात को अंजाम दिया गया, उसके एक तरफ ट्यूबवेल है और दूसरी तरफ ईख का खेत। हमलावर क्षेत्र की पूरी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ थे। पैदल ही आए और वारदात के बाद पैदल ही फरार हुए।
आपको बता दें कि बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र के तिलवाड़ा मार्ग की चकरोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज वारदात से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने छपरौली इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। संजय खोखर के बेटे ने चार नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।