गांव में जांच पड़ताल करते पुलिस अधिकारी
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नहीं जले चूल्हे, शोक में डूबा रहा गांव
दीपक की हत्या के बाद शुक्रवार को गांव में चूल्हे नहीं चले। मृतक परिवार के साथ गांव भी शोक में डूबा रहा। दिनभर ग्रामीण मृतक के परिवार को सांत्वना देने पहुंचते रहे। पुलिस भी सुरक्षा की दृष्टि से गांव में डटी रही। दोपहर बाद दीपक का शव पोस्टमार्टम से जैसे ही गांव में पहुंचा, गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, ग्रामीण भी अपनी आंखों से आंसुओं को बहने से नहीं रोक सके। परिजनों के साथ ग्रामीण लगातार आरोपियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे थे।