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रविता-अमरदीप को फांसी: सजा से पहले जज ने क्यों किया सावित्री और यमराज का जिक्र? पढ़ें हत्याकांड की पूरी कहानी

Fri, 16 Oct 2026 04:54 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

यह पूरी खौफनाक वारदात 13 अप्रैल 2025 की सुबह सामने आई थी। अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप का शव उसके अपने ही बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उसके शव के ठीक नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के काटने के करीब 10 निशान भी पाए गए थे। 
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अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की सजा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस चर्चित 'सर्पदंश हत्याकांड' में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दोषी करार दिया है। इस सनसनीखेज फैसले के दौरान न्यायाधीश की टिप्पणियां और मामले की खौफनाक परतें हर किसी को हैरान कर रही हैं।
 
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दोषी पत्नी रविता - फोटो : अमर उजाला
सजा से पहले जज ने किया सावित्री और यमराज का जिक्र
अदालत कक्ष में जब यह फैसला सुनाया जा रहा था, तब माहौल बेहद गंभीर था। सजा का एलान करने से पहले न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने प्राचीन ग्रंथों और भारतीय संस्कृति का हवाला दिया। उन्होंने 'मनुस्मृति' का जिक्र करते हुए कड़े शब्दों में कहा कि 'अधर्म कभी भी धर्म से नहीं जीत सकता'। 

इतना ही नहीं, न्यायाधीश ने पौराणिक प्रसंग का उदाहरण देते हुए महान भारतीय नारी 'सावित्री' का जिक्र किया, जो अपने पति के प्राण बचाने के लिए यमराज तक से भिड़ गई थीं और अपने सतित्व के बल पर उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया था। इसके विपरीत, इस मामले में एक पत्नी ने अपने ही सुहाग की जीवन-लीला समाप्त करने के लिए खौफनाक साजिश रची। न्याय की इस अनूठी मिसाल और दलील ने कोर्ट रूम में मौजूद हर शख्स को सोचने पर मजबूर कर दिया।
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दोषी प्रेमी अमरदीप - फोटो : अमर उजाला
बिस्तर पर मिला था शव, नीचे दबा था जिंदा सांप
यह पूरी खौफनाक वारदात 13 अप्रैल 2025 की सुबह सामने आई थी। अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप का शव उसके अपने ही बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उसके शव के ठीक नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के काटने के करीब 10 निशान भी पाए गए थे। शुरुआत में शातिर पत्नी रविता ने परिवारवालों और ग्रामीणों को यह यकीन दिलाने की पूरी कोशिश की कि अमित की मौत सोते समय जहरीले सांप के काटने से हुई है। शुरुआती दौर में किसी को शक भी नहीं हुआ और परिजनों ने भी इसे एक सामान्य हादसा मान लिया था।

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पति की हत्या करने के बाद उसे सांप से कटवाया - फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल
लेकिन, सच ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सका। जब अमित का पोस्टमार्टम कराया गया, तो उसकी रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी। मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई थी। हत्यारों ने बेरहमी से उसका गला, नाक और मुंह दबा रखा था। गला इस कदर दबाया गया था कि उसकी गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायराइड कार्टिलेज भी बुरी तरह टूट चुकी थीं।

पुलिस की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई कि वारदात से ठीक पहले के 24 घंटों के भीतर आरोपी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर लंबी बातचीत हुई थी। इन पुख्ता डिजिटल और चिकित्सीय साक्ष्यों ने इस 'कुदरती मौत' के ड्रामे को एक सुनियोजित हत्या में बदल दिया।
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दोषी पत्नी रविता व प्रेमी अमरदीप - फोटो : अमर उजाला
प्रेम प्रसंग में रोड़ा बन रहा था पति, रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, रविता और उसके पड़ोसी दोस्त अमरदीप के बीच अवैध प्रेम संबंध चल रहे थे। अमरदीप और अमित कश्यप आपस में अच्छे दोस्त थे और साथ मिलकर टाइल्स व पत्थर लगाने का काम करते थे। कुछ समय पहले परिजनों ने रविता और अमरदीप को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। जब अमित को अपनी पत्नी के इस अवैध रिश्ते की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया।
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रविता, अमित कश्यप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पहले गला दबाया, फिर बिस्तर पर छोड़ा सांप
अमित लगातार इस रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों प्रेमियों ने उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया। योजना के तहत 12 अप्रैल 2025 की रात को जब अमित गहरी नींद में सो रहा था, तब उसके दोनों हाथ मजबूती से पकड़कर उसका गला घोंट दिया गया। इसके बाद हत्या को पूरी तरह एक प्राकृतिक सर्पदंश का रूप देने के लिए बिस्तर पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया गया। इस खौफनाक काम को अंजाम देने के लिए अमरदीप ने गांव में माता के जागरण का बहाना बनाया और सपेरे कृष्ण से एक हजार रुपये में वह सांप खरीदा था। कृष्ण यह सांप अपने नाना प्रीतमनाथ से लेकर आया था।
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रविता, अमित कश्यप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
भाई की शिकायत पर शुरू हुई थी कानूनी जंग
मृतक के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को इस मामले में रविता और अमरदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज की और 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 12 मजबूत गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, जिनमें मृतक के भाई मोनू, मां मुनेश देवी, सपेरे, चिकित्सक डॉ. कपिल गर्ग और विवेचक इंदु वर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे।
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