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'रावण' की रिहाई से दलितों में जोश, अब 2019 के लोकसभा चुनाव में दिखाएंगे ताकत, देखें तस्वीरें

Fri, 14 Sep 2018 12:45 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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चंद्रशेखर ऊर्फ रावण
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भले ही भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ 'रावण' को रिहा करने का फैसला लेकर दलितों को साधने की कोशिश की हो, लेकिन सरकार को यह दांव भारी भी पड़ सकता है। क्योंकि रावण ने जेल से बाहर आते ही बीजेपी को जिस तरह से आंखें दिखाई है। उससे साफ है कि भीम आर्मी संगठन के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण भाजपा को कतई सपोर्ट नहीं करेंगे। खास बात यह है कि रावण की रिहाई से दलितों में जोश भर गया है और वह अपनी ताकत 2019 के लोकसभा चुनाव में दिखाएंगे। आगे जानिए पूरा अपडेट:-
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जंतर-मंतर पर भीम आर्मी का प्रदर्शन
ये है भीम आर्मी चीफ 'रावण' की ताकत
सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद गिरफ्तार हुए भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर उर्फ 'रावण' की रिहाई की मांग को लेकर दलित महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किए। साथ ही उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों का रजवाहे में विसर्जन कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी सेना का प्रदर्शन
जातीय हिंसा के बवाल में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश से खफा दलित महिलाओं ने तहसीलों में जमकर हंगामा और प्रदर्शन किए। वह गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग कर रही थीं। इसके बाद महिलाएं जुलूस के रूप में दिल्ली रोड हाईवे घसौती चौक पहुंची जहां उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों का रजवाहे में विसर्जन कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।

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सहारनपुर जातीय हिंसा
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद 11 मई को रामपुर मनिहारान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव में मौके से एक दर्जन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 12 अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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भीम आर्मी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
उनका कहना था कि पुलिस ने उनके समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेजा है और अन्य फर्जी नामजदगी कर युवकों के घरों पर दबिश दी जा रही है। उनके समाज को रविदास मंदिर तक में बैठने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में आरएसएस के कार्यक्रम चल रहे हैं और दलित समाज की शांति पूर्ण बैठकों पर रोक लगाई जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाद में महिलाओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार व सीओ अब्दुल कादिर को सौंपा था।
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चंद्रशेखर उर्फ रावण
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ 'रावण' की रिहाई की मांग को लेकर क्षेत्रीय दलित महिलाओं ने तहसील पर कब्जा जमाते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा किया था।

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