उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भले ही भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ 'रावण' को रिहा करने का फैसला लेकर दलितों को साधने की कोशिश की हो, लेकिन सरकार को यह दांव भारी भी पड़ सकता है। क्योंकि रावण ने जेल से बाहर आते ही बीजेपी को जिस तरह से आंखें दिखाई है। उससे साफ है कि भीम आर्मी संगठन के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण भाजपा को कतई सपोर्ट नहीं करेंगे। खास बात यह है कि रावण की रिहाई से दलितों में जोश भर गया है और वह अपनी ताकत 2019 के लोकसभा चुनाव में दिखाएंगे। आगे जानिए पूरा अपडेट:-